यमुना घाटी, उत्तरकाशी | मई 2026-नीरज उत्तराखंडी
यमुनाघाटी क्षेत्र में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई लगातार वृद्धि को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल यमुनाघाटी ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल राहत देने की मांग की है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष विपिन रमोला और महामंत्री सुमित रावत ने संयुक्त रूप से कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दामों में लगातार बढ़ोतरी से स्थानीय व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बारातघर और टेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के कारण व्यापारियों के लिए अपने प्रतिष्ठानों को सुचारु रूप से चलाना कठिन होता जा रहा है। कई छोटे व्यापारी तो घाटे की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पा रही है। समय पर सिलेंडर न मिलने से खाद्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसका असर सीधे तौर पर पर्यटकों और यात्रियों पर पड़ रहा है।
यमुनाघाटी जैसे पर्यटन क्षेत्र में यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है, जहां होटल और ढाबों में भोजन व्यवस्था बाधित होने लगी है। इससे क्षेत्र की पर्यटन छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि या तो व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए, या फिर राज्य सरकार प्रति सिलेंडर सब्सिडी प्रदान करे, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।




