देहरादून में नागरिक संगठन ने गिनाई रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा की उपलब्धियां

देहरादून, रेसकोर्स। संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर के कई सामाजिक संगठनों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को ऐतिहासिक और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने वाला बताया। वक्ताओं ने कहा कि भारत–रूस की दोस्ती आसमान में चमकते ध्रुव तारे की तरह स्थायी है, जिसकी चमक पश्चिमी देशों के टैरिफ दबाव से भी कम नहीं होगी।

कार्यक्रम में मैती आंदोलन के पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में शोध एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को लेकर हुए समझौते को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देगी।

समाजसेवी जसबीर सिंह रेनोत्रा ने उम्मीद व्यक्त की कि रूस में विकसित कैंसर की नई वैक्सीन का लाभ लाखों भारतीयों को मिलेगा। वहीं सिख वेलफेयर सोसाइटी के जी. एस. जस्सल ने कहा कि रूसी पर्यटकों के लिए 30 दिन के निशुल्क समूह वीज़ा की सुविधा से उत्तराखंड में पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा और रूसी पर्यटकों की आमद बढ़ेगी।

डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश सक्सेना ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ दबाव का मुकाबला करने के लिए भारत–रूस द्वारा आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने की पाँच वर्षीय योजना और 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का निर्णय भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है।

संगठन के अध्यक्ष ब्रिगेडियर के. जी. बहल ने असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जल में तैरते हुए परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर बताया।

पर्यावरण प्रेमी निलेश राठी ने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पाद—जैसे आलू और अनार—अब रूसी बाजारों तक पहुँच पाएंगे, जबकि रूस के सेब भारतीय बाजार में लोगों का स्वाद बढ़ाएँगे। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग का नया अध्याय बताया।

पूर्व बैंक अधिकारी खुशबीर सिंह ने कहा कि भारत–रूस की मित्रता लोहे की जंजीरों से भी मजबूत है, जो वर्षों से पारस्परिक सम्मान और विश्वास पर आधारित है।

पेंशनर्स संगठन के चौधरी ओमवीर सिंह ने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती ने हर कठिन समय—चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या भारत–पाक युद्ध—में अपनी मजबूती सिद्ध की है।

समन्वय समिति के नरेश चंद्र कुलाश्री ने बताया कि रूस में रोजगार के नए अवसर खुलने से लाखों भारतीय श्रमिकों को लाभ मिलेगा और इसे भारत–रूस सहयोग का महत्वपूर्ण सामाजिक–आर्थिक पहलू बताया।

कार्यक्रम में पूर्व पार्षद देवेंद्र पाल मोंटी, प्रकाश नागिया, डॉ. राकेश डंगवाल, प्रदीप कुकरेती, डॉ. आशा लाल, गुरजीत सिंह, उमेश्वर सिंह रावत, गिरीश चंद्र भट्ट सहित अनेक लोगों ने पुतिन की यात्रा का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह मित्रता भविष्य में दुनिया के लिए सकारात्मक एकजुटता का प्रतीक बनेगी।

कार्यक्रम का संचालन संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भारत और रूस के राष्ट्रीय गीतों पर खड़े होकर दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता पर गर्व व्यक्त किया।

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