गैरसैंण/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। सत्र का शुभारंभ सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुआ, जिसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं की रूपरेखा सदन के समक्ष रखी गई।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार के बीते एक वर्ष के कार्यों का उल्लेख करते हुए भविष्य की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा पर प्रकाश डाला। इसे सरकार के विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में भी देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के विकास की दिशा तय करेगा।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सदन को संबोधित करेंगी और आगे की कार्यवाही संचालित करेंगी। इसके पश्चात शाम 3 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया।
अब तक का सबसे बड़ा बजट
मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा में 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। इस बजट को लेकर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई थीं।
सड़कों और कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश
सरकार ने राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क निर्माण और सुधार के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा राज्य में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ के अंतर्गत 400.00 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण विकास को प्राथमिकता
प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। ग्रामीण विकास विभाग के पूंजीगत मद में 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए 1,491.00 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत भी विशेष फोकस किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा प्रावधान
स्वास्थ्य क्षेत्र को भी सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। ‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ के लिए 600.00 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है।
जेंडर बजट में बढ़ोतरी
महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जेंडर बजट में भी वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष जहां इस मद में 16,961 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 19,692 करोड़ दो लाख रुपये कर दिया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम सत्र
गैरसैंण में आयोजित यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के करीब है। ऐसे में सरकार अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं के माध्यम से जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश कर रही है।
वहीं बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की संभावना जताई जा रही है। बेरोजगारी, महंगाई, जनहित से जुड़े विषयों और विकास कार्यों को लेकर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।




