देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग एक बार फिर प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। विभाग के एक अधिकारी की नई तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला ऐसे अधिकारी से जुड़ा है, जिन्हें पूर्व में अधीनस्थ महिला कार्मिकों से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाकर बाध्य प्रतीक्षा (Compulsory Wait) में रखा गया था, लेकिन अब उन्हें जिला स्तर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर दिया गया है।
इस निर्णय के बाद विभागीय हलकों, शिक्षक संगठनों और प्रशासनिक जानकारों के बीच नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
महिला कार्मिकों से जुड़े आरोपों के बाद हुई थी कार्रवाई
शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, पिथौरागढ़ जनपद के विण विकासखंड में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर तैनात रहे गणेश सिंह ज्याला के खिलाफ अधीनस्थ महिला कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
मामले की जांच के बाद महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा द्वारा शासन को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके आधार पर शासन ने 12 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत उन्हें उनके पद से हटाकर महानिदेशक कार्यालय, देहरादून से संबद्ध करते हुए बाध्य प्रतीक्षा में रखा था।

अब मिली DIET रुद्रपुर में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी
हाल ही में शासन द्वारा जारी आदेश संख्या 399513/XXIV-2/2026-07(74)/2014 दिनांक 27 मई 2026 के तहत पूर्व में जारी संबद्धता और बाध्य प्रतीक्षा आदेश को समाप्त कर दिया गया।
इसके साथ ही गणेश सिंह ज्याला को प्रभारी प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर के पद पर तैनात कर दिया गया।यहीं से पूरे मामले को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

नियमों और प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि सामान्यतः किसी खंड शिक्षा अधिकारी की बाध्य प्रतीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद उसकी तैनाती पुनः समान स्तर के पद पर की जाती है। ऐसे में सीधे DIET जैसे जिला स्तरीय संस्थान में प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपे जाने पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
DIET प्राचार्य का पद शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों वाला पद माना जाता है। आमतौर पर ऐसे पदों पर नियुक्ति वरिष्ठता, अनुभव और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।
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आदेशों का पूरा घटनाक्रम
27 अगस्त 2025
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा द्वारा शासन को जांच रिपोर्ट प्रेषित की गई।
12 नवंबर 2025
शासन ने गणेश सिंह ज्याला को खंड शिक्षा अधिकारी पद से हटाकर बाध्य प्रतीक्षा में रखा।
27 मई 2026
बाध्य प्रतीक्षा समाप्त करते हुए उन्हें प्रभारी प्राचार्य, DIET रुद्रपुर के पद पर तैनात कर दिया गया।
विभागीय हलकों में चर्चा तेज
इस नियुक्ति के बाद शिक्षा विभाग के भीतर कई स्तरों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारी संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी इस निर्णय की निष्पक्षता और औचित्य पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ जांच हुई थी तो उसके निष्कर्षों और उसके बाद की कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
शिक्षा विभाग की इस नियुक्ति को लेकर अब पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठ रही है। जानकारों का मानना है कि शासन को पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पैदा हुए संदेह दूर हो सकें।
फिलहाल यह मामला शिक्षा विभाग के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर शिक्षक संगठनों तथा अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।





