देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के पाँच वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्हें 4 जुलाई 2021 को राज्य की कमान सौंपी गई थी और तब से वह लगातार मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ धामी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने उत्तराखंड में लगातार पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।
इतना ही नहीं, 9 जुलाई को मुख्यमंत्री धामी एक और नया इतिहास रच सकते हैं। इस दिन वह पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी (एन.डी. तिवारी) के सबसे लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ देंगे और उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे।
पाँच वर्षों के दौरान धामी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई। आइए जानते हैं धामी सरकार की पाँच सबसे बड़ी उपलब्धियों के बारे में।
ये भी पढ़े:
- आज का मौसम: देहरादून समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल। इस दिन तक बदले-बदले रहेंगे मौसम के तेवर
- क्राइम: देर रात देहरादून में गोलीकांड । शराब ठेके के बाहर चली गोलियां, दो घायल
1. समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई। विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे को सरकार ने प्राथमिकता देते हुए पहली कैबिनेट बैठक में इस दिशा में निर्णय लिया और रिकॉर्ड समय में कानून लागू किया।
यूसीसी लागू होने के बाद लाखों लोगों ने इसके तहत पंजीकरण कराया, जिसे सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती है।
2. देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून
पेपर लीक की घटनाओं के बाद धामी सरकार ने उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2023 लागू किया। इस कानून में दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया।
सरकार का दावा है कि इस कानून के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी और युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ।
3. सख्त कानून और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई
धामी सरकार ने जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के मामलों के खिलाफ संशोधित कानून लागू किया। इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया गया।
सरकार ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और नियमों के उल्लंघन में संचालित कई मदरसों पर कार्रवाई को भी अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया है।
4. अर्थव्यवस्था और विकास को मिली नई रफ्तार
धामी सरकार के कार्यकाल में राज्य की अर्थव्यवस्था में भी वृद्धि दर्ज की गई। सरकार के अनुसार, उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि प्रति व्यक्ति आय लगभग 2.73 लाख रुपये हो गई।
इसके अलावा राज्य ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान और एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान हासिल किया।
5. पर्यटन, चारधाम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
धामी सरकार ने धार्मिक पर्यटन और आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता दी। चारधाम यात्रा में लगातार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की आमद दर्ज हुई। पहली बार शीतकालीन चारधाम यात्रा को भी बढ़ावा दिया गया।
सरकार ने केदारनाथ रोपवे परियोजना और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को आगे बढ़ाया। साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों और गुरुद्वारों को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया गया।
पाँच साल पूरे, अब नए रिकॉर्ड की ओर धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पाँच साल का कार्यकाल राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक निर्णयों और कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के कारण चर्चा में रहा। यदि वह 9 जुलाई तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं, तो उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो जाएगा।





