- NEET UG में सफलता के साथ देश के शीर्ष विज्ञान एवं शोध संस्थान में चयन, क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
चकराता, 11 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी
जौनसार-बावर क्षेत्र की प्रतिभावान बेटी नव्या चौहान ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदृष्टि से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गोरछा खत भरम निवासी स्वरूप चौहान की पुत्री नव्या ने NEET UG सहित देश के प्रतिष्ठित विज्ञान एवं शोध संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल की है।
कई प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में अच्छी रैंक हासिल करने के बावजूद नव्या ने पारंपरिक करियर विकल्प के बजाय विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र को अपना लक्ष्य बनाया और देश के शीर्ष संस्थानों में शामिल IISER पुणे (Indian Institute of Science Education and Research) में प्रवेश लेकर अपने सपने की ओर कदम बढ़ाया है।
IISER पुणे में चयन को विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। नव्या का यह निर्णय इसलिए भी खास है कि उन्होंने डॉक्टर बनने के अवसर के बावजूद शोध के क्षेत्र को प्राथमिकता दी। उनका लक्ष्य विज्ञान की दुनिया में नई संभावनाओं को तलाशना और शोध के माध्यम से देश व समाज के लिए योगदान देना है।
पहले प्रयास में NEET में सफलता
नव्या चौहान की शैक्षणिक यात्रा भी उनकी मेहनत और अनुशासन की मिसाल है। उन्होंने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई ब्राइटलैंड स्कूल, देहरादून से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अहमदाबाद में रहकर एक वर्ष तक प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन तैयारी की। कड़ी मेहनत और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में NEET UG परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।
NEET में सफलता के बाद उनके सामने मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के अनेक विकल्प मौजूद थे। विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों में अच्छी रैंक मिलने के बावजूद नव्या ने अपने रुचि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए रिसर्च का रास्ता चुना। उनका यह फैसला युवा पीढ़ी के लिए संदेश देता है कि सफलता केवल किसी प्रतिष्ठित पेशे तक पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप सही दिशा चुनना भी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बचपन से ही पढ़ाई में रही हैं मेधावी
नव्या के पिता स्वरूप चौहान, जो कैनरा बैंक में सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि नव्या बचपन से ही मेहनती और पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से अपने सपने को साकार किया है।
परिवार के अनुसार नव्या ने पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा स्पष्टता बनाए रखी। कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी उन्होंने निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपना सफर जारी रखा।
जौनसार की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
नव्या चौहान की उपलब्धि को जौनसार-बावर क्षेत्र में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और क्षेत्र के लोगों ने नव्या को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल एक परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जौनसार-बावर के लिए गर्व का विषय है।
लोगों का कहना है कि पहाड़ की बेटियां आज शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक और शोध सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। नव्या ने मेडिकल क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने के बाद भी अपनी रुचि के अनुरूप रिसर्च को करियर के रूप में चुनकर एक अलग और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
IISER पुणे में उनका चयन जौनसार की नई पीढ़ी को यह संदेश देता है कि सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो देश के शीर्ष संस्थानों तक पहुंचना संभव है।
शोध के क्षेत्र में जौनसार की नई पहचान की उम्मीद
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि नव्या चौहान भविष्य में विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देंगी और जौनसार-बावर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान करेंगी। उनकी उपलब्धि विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो विज्ञान और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।
नव्या की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि पहाड़ की प्रतिभा को अवसर और सही दिशा मिले तो वह देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने का सामर्थ्य रखती है। जौनसार की इस बेटी ने सफलता के साथ-साथ यह भी संदेश दिया है कि करियर का चुनाव भीड़ के पीछे चलकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और सपनों के अनुसार किया जाना चाहिए।


