देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून स्थित कार्यालय पहुंचे। उन्हें 2016 के एक मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रावत इस दौरान अपनी मां की तस्वीर साथ लेकर ED कार्यालय पहुंचे।
मां की तस्वीर लेकर ED कार्यालय पहुंचे हरीश रावत
ED कार्यालय पहुंचने से पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि वह “अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर, मां का आशीर्वाद लेकर आज ED कार्यालय पहुंचा हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को बुलाया नहीं है और न ही किसी को आने के लिए कहा है। रावत के मुताबिक, वह अपनी मां की तस्वीर के साथ अकेले ED कार्यालय पहुंचे हैं।
रावत ने अपने पोस्ट में लिखा, “ED ने बुलाया, हम खरामे-खरामे चले आए…”
2016 के मामले में पूछताछ
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ED की यह पूछताछ 2016 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में है। सितंबर 2026 में ED ने रावत के पूर्व OSD/PA चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों पर भी कार्रवाई की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने रावत से आयकर रिटर्न और परिवार की संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी मांगी है। हालांकि, किसी व्यक्ति को जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
ED कार्यालय पहुंचने के दौरान हरीश रावत ने कहा कि उनकी बड़ी ताकत कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। अपने पूर्व OSD से जुड़े मामले और ED की कार्रवाई को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले CBI और ED का “खेल” शुरू हो जाता है।
रावत ने कहा कि कुछ समय बाद पता चलता है कि इसके पीछे क्या हो रहा था। यह उनका राजनीतिक आरोप है; इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
रावत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह “अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर, मां का आशीर्वाद लेकर आज ED कार्यालय पहुंचा हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया और न ही किसी को आने के लिए कहा। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि “ED ने बुलाया, हम खरामे-खरामे चले आए…”


