पूर्व आबकारी कांस्टेबल को सुप्रीम कोर्ट से रिश्वत के मामले में एक साल की सजा।

36 साल पहले ₹500 की रिश्वत के मामले में पकड़ा गया था उधम सिंह नगर का आबकारी कांस्टेबल।  वर्तमान में 75 साल का हो चुका है दोषी। करीब 35 साल पुराने रिश्वत प्रकरण में Supreme Court of India ने उत्तराखंड के एक पूर्व आबकारी कांस्टेबल के खिलाफ दोषसिद्धि को सही ठहराया है, हालांकि सजा की […]

36 साल पहले ₹500 की रिश्वत के मामले में पकड़ा गया था उधम सिंह नगर का आबकारी कांस्टेबल।

 वर्तमान में 75 साल का हो चुका है दोषी।

करीब 35 साल पुराने रिश्वत प्रकरण में Supreme Court of India ने उत्तराखंड के एक पूर्व आबकारी कांस्टेबल के खिलाफ दोषसिद्धि को सही ठहराया है, हालांकि सजा की अवधि में आंशिक कमी की गई है।

 

यह निर्णय Justice Pankaj Mittal और Justice P. B. Varale की पीठ ने 13 मार्च को सुनाया। शीर्ष अदालत उस याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें संबंधित पूर्व कांस्टेबल ने Uttarakhand High Court के वर्ष 2012 के आदेश को चुनौती दी थी।

 

हाईकोर्ट ने इससे पहले निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दो वर्ष के कारावास की सजा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दोष सिद्ध करने और सजा तय करने में कोई त्रुटि नहीं पाई गई।

 

हालांकि, अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी की वर्तमान आयु 75 वर्ष है और वह पहले ही दो महीने से अधिक समय जेल में व्यतीत कर चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने सजा की अवधि को घटाकर एक वर्ष कर दिया।

उल्लेखनीय है कि पूर्व कांस्टेबल जनवरी 2013 से जमानत पर रिहा है।

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