देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने 25 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग डिटेल उपलब्ध कराकर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे।
पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और संगठित साइबर अपराध में उनकी सक्रिय भूमिका के पुख्ता सबूत मिले हैं।
मोबाइल हैक कर कंपनी के खाते से उड़ाए 24.95 लाख रुपये
एसटीएफ के अनुसार, मार्च 2026 में देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिया तथा उनकी कंपनी के बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये निकाल लिए।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पड़ताल में साइबर अपराधियों के लिंक पश्चिम बंगाल से जुड़े मिले। इसके बाद एसटीएफ की विशेष टीम 14 जून को पश्चिम बंगाल रवाना हुई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने 18 जून को उत्तर 24 परगना जिले से दो आरोपियों तपन बिस्वास और उत्तम कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में साइबर अपराध से जुड़ा सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं—
- 13 डेबिट कार्ड
- 3 मोबाइल फोन
- विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड
- बैंक पासबुक
- चेकबुक और ब्लैंक चेक
- बैंक खाता खोलने के फॉर्म
- अन्य बैंकिंग दस्तावेज
साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते और सिम
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड तथा बैंकिंग डिटेल साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तम कुमार दास ने अपने नाम से भी कई बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी तपन बिस्वास संदिग्ध बैंक खातों का संचालन कर साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने का काम करता था।
वहीं आरोपी उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में पीड़ित की ठगी गई रकम की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के प्रमाण मिले हैं।
एसटीएफ का कहना है कि दोनों आरोपी संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करते थे।
जांच जारी, नेटवर्क खंगाल रही STF
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामग्री को सील कर कब्जे में लिया गया है और पूरे साइबर नेटवर्क की जांच जारी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ई-मेल पर भरोसा न करें और साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।





