उत्तराखंड के पहाड़ से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक, खेमराज सुंदरियाल की मेहनत को पद्मश्री सम्मान

84 वर्षीय खेमराज सुंदरियाल को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है, जिन्होंने हरियाणा के पानीपत में हैंडलूम उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सम्मान कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जा रहा है।   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 26 […]

84 वर्षीय खेमराज सुंदरियाल को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है, जिन्होंने हरियाणा के पानीपत में हैंडलूम उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सम्मान कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जा रहा है।

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 26 जनवरी 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जा रही है, जिसमें खेमराज सुंदरियाल का नाम शामिल है। वे मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के सुमाड़ी गांव के निवासी हैं। उन्होंने श्रीनगर में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद तीन वर्षीय कोर्स पूरा किया और उसके बाद पानीपत में आकर खद्दी चलाकर अपने जीवन की शुरुआत की।

 

पानीपत में हैंडलूम उद्योग को मजबूत बनाने के लिए खेमराज सुंदरियाल ने अथक प्रयास किए। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले सैंपल तैयार करके विदेशों में भेजे, जो सफलतापूर्वक पास होते रहे और इससे पानीपत के हैंडलूम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ी। उनके प्रयासों से पानीपत के हैंडलूम को वैश्विक पटल पर स्थापित करने में मदद मिली।

 

अपने लंबे करियर में उन्होंने हजारों बुनकरों और युवाओं को खद्दी चलाने तथा उम्दा हैंडलूम सैंपल बनाने का प्रशिक्षण दिया। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने में भी योगदान दिया।

 

खेमराज सुंदरियाल का यह सम्मान उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से निकले एक साधारण व्यक्ति की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसने अपनी लगन से पानीपत के हैंडलूम को विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यह पुरस्कार न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि देश के पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनाई कला के संरक्षण एवं प्रचार में लगे अनगिनत कर्मठ व्यक्तियों के प्रयासों को भी मान्यता प्रदान करता है।

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