देहरादून: उत्तराखंड में एलपीजी गैस की कमी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्हें खुद घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ा। इसके लिए उन्हें 1800 रुपये तक चुकाने पड़े।
दरअसल, मसूरी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जाते समय हरक सिंह रावत कुछ देर के लिए राजपुर रोड स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदेश में गैस की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि मौजूदा हालात इतने खराब हैं कि एक पूर्व मंत्री होने के बावजूद उन्हें भी सामान्य तरीके से सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाया।
रावत ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी से अपने घर के लिए दो घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि फिलहाल सिलेंडरों की आपूर्ति पर प्रतिबंध है, इसलिए उन्हें गैस उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही गैस की कमी से इनकार कर रही हो, लेकिन जमीन पर सच्चाई अलग है। उनके अनुसार प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है और आम लोगों को भारी कीमत देकर गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस दौरान हरक सिंह रावत ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत को ईंधन की आपूर्ति में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर पड़ रहा है और सरकार इस चुनौती से निपटने में नाकाम साबित हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि गैस की कमी का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर गैस उपलब्ध न होने की वजह से प्रतिष्ठानों को लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि कई होटल और रेस्टोरेंट में ऐसी व्यवस्था भी नहीं है।
रावत के मुताबिक सरकार चाहे जो भी बयान दे, लेकिन हकीकत यह है कि बाजार में गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर ब्लैक में बिक रहे हैं, जिससे आम जनता और कारोबारियों दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।




