दूषित पानी का कहर : पीलिया की चपेट में 20 से ज्यादा स्कूली बच्चे,कई गांवों में बीमार पड़े लोग

नैनीताल: स्टोरी कमल जगाती  उत्तराखंड के नैनीताल से लगे ग्रामीण इलाकों में दूषित पेयजल की शिकायतों ने चिंता बढ़ा दी है। वीरभट्टी, छिंडां मल्ला, गांजा, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला और सड़ियाताल समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों का आरोप है कि जल संस्थान की सप्लाई में दूषित पानी आने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ […]

नैनीताल: स्टोरी कमल जगाती 

उत्तराखंड के नैनीताल से लगे ग्रामीण इलाकों में दूषित पेयजल की शिकायतों ने चिंता बढ़ा दी है। वीरभट्टी, छिंडां मल्ला, गांजा, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला और सड़ियाताल समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों का आरोप है कि जल संस्थान की सप्लाई में दूषित पानी आने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, कई परिवारों के लोग पीलिया, डायरिया, उल्टी-दस्त, बुखार और पेचिश जैसी समस्याओं से परेशान हैं। वहीं ज्यूलिकोट क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 20 से अधिक छात्रों में पीलिया की पुष्टि होने के बाद स्कूल में आपातकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है।

नैनीताल से कुछ ही दूरी पर दूषित पेयजल की शिकायत

नैनीताल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित वीरभट्टीवीरभट्टी, छिंडां मल्ला, गांजा, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला, सड़ियाताल और आसपास के गांवों में पेयजल को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जल संस्थान की ओर से जिस पानी की सप्लाई की जा रही है, वह साफ नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पानी में गंदगी दिखाई देती है और उन्हें आशंका है कि नाले और सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, दूषित पानी पीने के बाद परिवारों में पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक कई लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

50 फीसदी आबादी के बीमार होने का दावा

ग्रामीणों की ओर से दावा किया गया है कि क्षेत्र में रहने वाली आबादी के एक बड़े हिस्से को दूषित पानी की वजह से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई परिवारों में पीलिया, डायरिया, उल्टी-दस्त, बुखार और पेचिश के लक्षण सामने आए हैं। इससे ग्रामीणों में संक्रमण फैलने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

हालांकि, बीमारियों के कारण और दूषित पानी के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ज्यूलिकोट के स्कूल में 20 से ज्यादा छात्रों को पीलिया

हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर ज्यूलिकोट क्षेत्र में स्थित एक स्कूल में भी बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने का मामला सामने आया है।

बताया गया कि 20 से अधिक छात्रों को पेट दर्द समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने के बाद उनकी जांच कराई गई। जांच में छात्रों में पीलिया पाए जाने की जानकारी सामने आई।

छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन स्कूल को बंद कर दिया है। स्कूल की छुट्टियों को आगामी राखी अवकाश के साथ जोड़ दिया गया है। जानकारी के मुताबिक अब स्कूल 1 सितंबर से दोबारा खुलने की संभावना है।

पहले भी सामने आ चुकी है दूषित पानी की समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दूषित पेयजल की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी आसपास के इलाकों में दूषित पानी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

पेयजल की गुणवत्ता को लेकर पूर्व में जल संस्थान की ओर से पानी के नमूने लिए जाने और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। उस दौरान बड़ी संख्या में लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आई थीं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगा स्थायी समाधान

दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद अब ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संस्थान से स्थायी समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल पानी के सैंपल लेने या अस्थायी व्यवस्था करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेयजल लाइन में गंदा या सीवर का पानी पहुंचने की वजह का पता लगाकर उसे स्थायी रूप से ठीक किया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभावित गांवों में पेयजल के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए और यदि पानी दूषित पाया जाता है तो तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

नैनीताल पेयजल विवाद पर बढ़ी चिंता

नैनीताल जैसे पर्यटन क्षेत्र के आसपास ग्रामीण इलाकों में दूषित पेयजल की शिकायतें सामने आने से प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। खासकर स्कूली बच्चों में पीलिया के मामले सामने आने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

अब निगाहें जल संस्थान और प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर हैं। यदि पानी के दूषित होने की पुष्टि होती है तो यह पता लगाना बेहद जरूरी होगा कि पेयजल स्रोत या सप्लाई लाइन में गड़बड़ी कहां से हो रही है और उसे कब तक दूर किया जा सकता है।

Also Read This

बड़ी खबर : रास्ते में ग्रामीण को मिले डीएम, समस्या सुन तुरंत सम्बंधित अधिकारियों को दिए निर्देश 

होम स्टे एवं ट्रेकिंग ट्रैक्शन योजना के अनुदान से जुड़ा मामला, बैंक और पर्यटन विभाग को औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देशउत्तरकाशी, 12...

वीडियो : जुड़वा प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ी, हेली एंबुलेंस से देहरादून रेफर

नौगांव/उत्तरकाशी, 12 अगस्त 2026।नीरजउत्तराखंडी नौगांव स्वास्थ्य केंद्र में जुड़वा गर्भावस्था के दौरान प्रसव करा रही 28 वर्षीय महिला की हालत गंभीर होने पर जिला प्रशासन...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts