रिपोर्ट : नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तरकाशी जिले के लिए 19 और 20 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने जिले में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अत्यंत तेज वर्षा की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम लागू करते हुए कई अहम प्रतिबंध लगाए हैं।
रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने जनपद के सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत 19 और 20 जुलाई को रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि यह फैसला केवल यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
ट्रैकिंग गतिविधियों पर भी लगी रोक
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिले में सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने पर्यटन विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पर्यटकों और ट्रैकर्स को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जागरूक किया जाए तथा किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से रोका जाए।
सड़कें बंद होने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमजीएसवाई और बीआरओ को निर्देश दिए हैं कि यदि बारिश के कारण किसी भी सड़क पर मलबा या भूस्खलन होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने की कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा पुलिस, राजस्व, ग्राम विकास, पंचायत विभाग और सभी त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार हो सकती है छुट्टी
मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने के लिए नदी, गाड़-गदेरे या बरसाती नालों को पार करना पड़ता है, वहां स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जा सकता है।
आपदा की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी विभागों को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और किसी भी घटना की सूचना तुरंत साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों, यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। इससे संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि और नुकसान को कम किया जा सकेगा।






