नैनीताल। रिपोर्ट-कमल जगाती
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नानकमत्ता के चर्चित डेरा साहिब प्रमुख बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिलबाग सिंह को बड़ा झटका देते हुए उसकी दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय की एकलपीठ ने मामले में प्रस्तुत अहम साक्ष्यों और जांच रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
सीसीटीवी, गवाह और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बने अहम साक्ष्य
सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष की ओर से अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए गए। बताया गया कि आरोपी दिलबाग सिंह और उसके साथी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
इस बात की पुष्टि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हुई है। अदालत ने इन साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
28 मार्च 2024 को हुई थी बाबा तरसेम सिंह की हत्या
गौरतलब है कि 28 मार्च 2024 को ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता स्थित डेरा साहिब के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बुलेट मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने दर्ज कराई थी एफआईआर
घटना के बाद गुरुद्वारा के पूर्व प्रबंधक हरबंस सिंह चुघ, तराई महासभा के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू और हरगोविंद सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की गई थी। पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
परिजनों और समर्थकों ने मांगी कड़ी सजा
याचिका के दौरान मृतक पक्ष की ओर से अदालत में कहा गया कि बाबा तरसेम सिंह की बिना किसी दोष के निर्मम हत्या की गई थी। इसलिए दोषियों को फांसी की सजा या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए। मामले की सुनवाई अभी न्यायालय में जारी है।
हाईकोर्ट के फैसले से आरोपी को बड़ा झटका
हाईकोर्ट द्वारा दूसरी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद आरोपी दिलबाग सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। अदालत के इस फैसले को बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।





