RTI खुलासा: ऊधमसिंह नगर में 2025 में पॉक्सो मामलों में सिर्फ 21% और गंभीर अपराधों में 31% को जेल। पढ़िए चौंकाने वाले आंकड़े

काशीपुर। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी में ऊधमसिंह नगर जिले की न्यायिक व्यवस्था और आपराधिक मामलों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2025 में जिले की विशेष पॉक्सो अदालतों में निर्णीत मामलों में केवल 21 प्रतिशत मामलों में ही दोषसिद्धि हो सकी, जबकि 99 मामलों में आरोपियों को […]

काशीपुर। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी में ऊधमसिंह नगर जिले की न्यायिक व्यवस्था और आपराधिक मामलों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2025 में जिले की विशेष पॉक्सो अदालतों में निर्णीत मामलों में केवल 21 प्रतिशत मामलों में ही दोषसिद्धि हो सकी, जबकि 99 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया। इसी तरह भारतीय दंड संहिता (IPC) के गंभीर अपराधों में भी दोषसिद्धि दर 31 प्रतिशत दर्ज की गई।

यह जानकारी काशीपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता नदीम उद्दीन को संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय, ऊधमसिंह नगर द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

पॉक्सो मामलों में 27 को सजा, 99 मामलों में बरी हुए आरोपी

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने कुल 141 मामलों का निस्तारण किया। इनमें केवल 27 मामलों में आरोप सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई, जबकि 99 मामलों में आरोपी बरी हो गए। इसके अलावा 15 मामलों का निस्तारण क्वैश या दाखिल दफ्तर के रूप में हुआ।

आंकड़ों के अनुसार पॉक्सो मामलों में दोषसिद्धि दर महज 21 प्रतिशत रही, जो चिंता का विषय मानी जा रही है। वर्ष की शुरुआत में 645 मामले लंबित थे। वर्ष के दौरान 188 नए मामले दर्ज हुए और वर्ष के अंत तक लंबित मामलों की संख्या बढ़कर 692 पहुंच गई।

गंभीर अपराधों में 31 प्रतिशत मामलों में हुई सजा

हत्या, लूट, डकैती और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 150 मामलों का सत्र न्यायालयों में निस्तारण किया गया। इनमें 40 मामलों में सजा सुनाई गई, जबकि 91 मामलों में आरोपी बरी हो गए। 19 मामलों को क्वैश या दाखिल दफ्तर किया गया।

इस श्रेणी में दोषसिद्धि दर 31 प्रतिशत दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश मामलों में अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में सफल नहीं हो सका।

अन्य अधिनियमों के मामलों में बेहतर रही दोषसिद्धि दर

अन्य विशेष अधिनियमों के तहत सत्र न्यायालयों द्वारा निर्णीत 542 मामलों में 351 मामलों में सजा हुई, जबकि 114 मामलों में आरोपी बरी हुए। इन मामलों में दोषसिद्धि दर 75 प्रतिशत रही।

वहीं अधीनस्थ न्यायालयों में अन्य अधिनियमों से जुड़े मामलों में 96 प्रतिशत दोषसिद्धि दर दर्ज की गई। वर्ष 2025 में ऐसे 2064 मामलों में सजा सुनाई गई, जबकि 83 मामलों में आरोपी बरी हुए।

लंबित मामलों का बढ़ता बोझ

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 की शुरुआत में ऊधमसिंह नगर के सत्र न्यायालयों में 3465 मामले लंबित थे। वर्ष के दौरान 1021 नए मामले दर्ज हुए और वर्ष के अंत तक लंबित मामलों की संख्या बढ़कर 3794 पहुंच गई।

हालांकि अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या में कमी आई है। वर्ष की शुरुआत में 30,716 मामले लंबित थे, जो वर्ष के अंत तक घटकर 27,246 रह गए।

एनडीपीएस मामलों में सबसे अधिक दोषसिद्धि

नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष एनडीपीएस अदालत ने वर्ष 2025 में 117 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 73 मामलों में सजा हुई और 14 मामलों में आरोपी बरी हुए। इन मामलों में दोषसिद्धि दर 84 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अन्य श्रेणियों की तुलना में सबसे अधिक रही।

आरटीआई से सामने आए महत्वपूर्ण सवाल

आरटीआई से सामने आए आंकड़ों ने पॉक्सो और गंभीर अपराधों के मामलों में कम दोषसिद्धि दर को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मामलों में साक्ष्यों की कमी, गवाहों का मुकरना और जांच प्रक्रिया की कमजोरियां दोषसिद्धि दर को प्रभावित कर सकती हैं।

Also Read This

बड़ी खबर: देहरादून में मुस्लिम युवकों के साथ पकड़ी गयी पहाड़ की दो हिंदू छात्राएं। डस्टबिन में मिली आपत्तिजनक सामग्री, मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो

देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुद्धोवाला इलाके में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कुछ स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठन...

Gold Silver Price Crash: औंधे मुँह गिरे सोने-चांदी के दाम,निवेशकों में बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। सोना और चांदी में निवेश करने वालों के लिए बुधवार का कारोबारी सत्र भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts