बड़ी खबर: उत्तराखंड के गांव से निकले जगमोहन बने आईबी के स्पेशल डायरेक्टर 

अमेरिका में भारत की नुमाइंदगी के बाद अब देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम दायित्व की कमान चकराता/विकासनगर, देहरादून। 7 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी  जौनसार-बावर की पहाड़ी वादियों के छोटे से गांव खबोऊ खत तपलाड से निकलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी पहचान बनाने वाले 1995 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन […]

  • अमेरिका में भारत की नुमाइंदगी के बाद अब देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम दायित्व की कमान

चकराता/विकासनगर, देहरादून। 7 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी 
जौनसार-बावर की पहाड़ी वादियों के छोटे से गांव खबोऊ खत तपलाड से निकलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी पहचान बनाने वाले 1995 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन को भारत सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने तीन सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए उन्हें देश की सबसे संवेदनशील संस्थाओं में शुमार खुफिया ब्यूरो (IB) में स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किया है। जगमोहन इससे पहले आईबी में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

जौनसार-बावर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जगमोहन को क्षेत्र का पहला आईपीएस अधिकारी माना जाता है। इससे पहले उनके पिता और जौनसार के पहले आईएएस अधिकारियों में शुमार श्री खुशीराम ने प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

खुशीराम उत्तराखंड के ऐसे अधिकारियों में रहे हैं, जिन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जैसी महत्वपूर्ण संस्था में भी अहम पद संभाला।

छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर

खबोऊ गांव, खत तपलाड की मिट्टी से निकले जगमोहन का सफर ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की प्रतिष्ठित पुलिस सेवा और फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के शीर्ष संस्थानों तक पहुंचने का उदाहरण है। सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी क्षेत्र से निकलकर उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया और अपने लंबे सेवाकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उनकी उपलब्धि को जौनसार-बावर के लोग केवल एक अधिकारी की पदोन्नति के रूप में नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की उपलब्धि के तौर पर देख रहे हैं। खासतौर पर क्षेत्र के युवाओं के लिए उनका सफर इस बात की मिसाल है कि पहाड़ के छोटे गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

अमेरिका में भी निभाई भारत की जिम्मेदारी

जगमोहन के सेवा करियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निभाई गई जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण रही है। सितंबर 2022 में उन्हें अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास में मिनिस्टर (पर्सनल एंड कम्युनिटी अफेयर्स) के पद पर नियुक्त किया गया था।

वाशिंगटन में तैनाती के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय से जुड़े विभिन्न मामलों के साथ दूतावास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ संवाद, उनकी समस्याओं और मुद्दों पर समन्वय तथा भारत और प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा।

अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण देश में भारत सरकार की ओर से जिम्मेदारी निभाने के बाद अब जगमोहन को देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अत्यंत संवेदनशील दायित्व की जिम्मेदारी मिली है।

आईबी में अहम भूमिका

खुफिया ब्यूरो देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्पेशल डायरेक्टर के पद पर जगमोहन की नई जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ी होगी। पुलिस सेवा में लंबे अनुभव, आईबी में कार्य करने के अनुभव और विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करने की पृष्ठभूमि को उनकी नई जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान में आईबी में अतिरिक्त निदेशक के तौर पर कार्यरत जगमोहन को अब स्पेशल डायरेक्टर बनाए जाने से उनके लंबे प्रशासनिक एवं सुरक्षा अनुभव को नई जिम्मेदारी मिली है।

जौनसार-बावर में खुशी की लहर

जगमोहन की नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद जौनसार-बावर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। खबोऊ गांव से लेकर खत तपलाड और आसपास के क्षेत्रों में लोग इसे पूरे जौनसार-बावर की उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जौनसार-बावर की धरती ने हमेशा देश और समाज को प्रतिभाएं दी हैं। जगमोहन की उपलब्धि इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाली है। एक छोटे से पहाड़ी गांव से निकलकर आईपीएस बनने, अमेरिका में भारत सरकार की ओर से जिम्मेदारी निभाने और अब आईबी के शीर्ष अधिकारियों में शामिल होने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।

पिता ने भी प्रशासनिक सेवा में बनाई विशिष्ट पहचान

जगमोहन के पिता श्री खुशीराम भी क्षेत्र के प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारियों में रहे हैं। जौनसार के पहले आईएएस अधिकारियों में शामिल खुशीराम ने प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में भी अहम पद संभाला।

पिता के बाद बेटे का देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष संस्थानों तक पहुंचना परिवार के साथ-साथ पूरे जौनसार-बावर के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

देहरादून से जुड़े परिवार की उपलब्धि

जगमोहन का परिवार देहरादून जिले के मेदनीपुर, बद्रीपुर और माजरी गांवों में भी निवास करता है। जौनसार-बावर से लेकर देहरादून तक उनके परिचितों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों में उनकी नियुक्ति को लेकर उत्साह है।

जगमोहन की सफलता की कहानी पहाड़ की उस प्रतिभा की कहानी है, जो गांव की पगडंडियों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाती है। खबोऊ गांव से निकले इस लाल ने पहले भारतीय पुलिस सेवा में पहचान बनाई, फिर अमेरिका में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अब देश के खुफिया तंत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

जौनसार-बावर के लोगों को उम्मीद है कि जगमोहन आने वाले समय में अपनी कार्यकुशलता और अनुभव के बल पर देश की सुरक्षा व्यवस्था में और बड़ी जिम्मेदारियां निभाएंगे।

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