बड़ी खबर : महाराष्ट्र से लौटे 22 छात्रों को बिना जांच के भेजा गांव। बाकी को बिना जांच के अभिभावक लेने को तैयार नही।

कृष्णा बिष्ट 
 जवाहर नवोदय विद्यालय सहसपुर, देहरादून मे रातों साढे तीन बजे  महाराष्ट्र अकोला से लौटे कक्षा 10वीं के  22 छात्रों में से 18 बच्चों को प्रधानाचार्य ने बिना किसी कोरोना जांच के पहाड़ स्थित उनके गांवों में भेज दिया है।
जबकि अन्य बच्चे अभी भी स्कूल में हैं जिन्हें अभिभावक बिना जांच के लेने से इनकार कर रहे हैं।
लोगों में प्रधानाचार्य श्रीमती अंजुला टम्टा के प्रति भारी नाराजगी है और यह शिकायत मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचाने का अनुरोध किया है ।
विद्यालय की प्रिंसिपल अंजुला टम्टा अभिभावकों की बात मानने को तैयार नहीं है। अभिभावक श्री शर्मा ने फोन पर बताया कि 22 में 18 बच्चे जो महाराष्ट्र से लौटे हैं उन्हें प्रिंसिपल ने बिना किसी जांच के उनके गांव भेज दिया जबकि उनके बच्चे स्कूल में ही हैं, जिन्हें वह बिना जांच के नहीं ले जाएंगे।
अभिभावकों ने बातचीत में कहा कि CM साहब तक यह संदेश भेजिए कि एक ओर आप व सरकार  दिन रात विभिन्न संदेशों के मार्फ़त जनता की हिफाजत के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। जनता भी सरकार  को सहयोग दे रही है ।
जबकि सरकारी कर्मचारी / प्रिंसिपल का ऐसा बर्ताव सरकार के मिशन को फेल करने जैसा है।
जिले में नवोदय विद्यालय के चेयरमेन देहरादून जिलाधिकारी हैं।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts