हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची खनन विभाग (माइनिंग विभाग) की टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया।
दबंगों ने विभागीय कर्मचारियों के साथ मारपीट की, सरकारी बोलेरो वाहन के शीशे तोड़ दिए और जब्त किए गए ओवरलोड ट्रैक्टर को जबरन छुड़ाकर फरार हो गए। घटना में विभागीय टीम के कई सदस्य घायल हुए हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पहले की कार्रवाई के बाद मिल रही थीं धमकियां
माइनिंग विभाग के फील्ड इंचार्ज तेजा साई राज ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 13 जुलाई को विभागीय टीम ने रायसी-लक्सर रोड पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया था।
विभाग का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी दीपक चौहान लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकियां दे रहा था। विभाग के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते ही टीम को निशाना बनाया गया।
सोमवार को माइनिंग विभाग की टीम रायसी चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान शाहरून का एक ओवरलोड ट्रैक्टर पकड़ा गया। टीम जब ट्रैक्टर को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तभी दीपक चौहान, शाहरून, हरेंद्र और उनके कई साथी मौके पर पहुंच गए।
आरोप है कि सभी ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से विभागीय टीम पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सरकारी बोलेरो वाहन में जमकर तोड़फोड़ की और विभागीय कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इसके बाद जब्त किए गए ट्रैक्टर को जबरन छुड़ाकर मौके से फरार हो गए। जाते-जाते आरोपियों ने टीम को जान से मारने की धमकी भी दी।
हमले में कई कर्मचारी घायल, सरकारी वाहन को नुकसान
हमले में सरकारी बोलेरो के चालक दीप सिंह सहित विभागीय टीम के अन्य कर्मचारियों को चोटें आई हैं। घटना के बाद माइनिंग विभाग ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
सीओ लक्सर देवेंद्र नेगी ने बताया कि माइनिंग विभाग की शिकायत के आधार पर दीपक चौहान, शाहरून, हरेंद्र समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान बढ़ी सुरक्षा की मांग
इस घटना के बाद खनन विभाग के कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान के दौरान कई बार कर्मचारियों को धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कार्रवाई करने वाली टीमों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।






