चमोली: गिरीश चंदोला
उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड के तुंगेश्वर क्षेत्र से डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है।
आरोप है कि क्षेत्र में तैनात एक पोस्टमैन ने वर्ष 2025 से अब तक की सैकड़ों महत्वपूर्ण डाक लोगों तक पहुंचाने के बजाय अपने निजी कमरे में तीन से चार बोरियों में बंद कर रखी।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
आधार, पैन, ATM कार्ड और स्पीड पोस्ट की डाक बोरियों में मिली
ग्रामीणों के अनुसार बरामद बोरियों में बड़ी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक ATM कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और स्पीड पोस्ट से भेजी गई महत्वपूर्ण डाक रखी हुई थी।
आरोप है कि इन दस्तावेजों को संबंधित लोगों तक कभी पहुंचाया ही नहीं गया, जिससे कई नागरिकों को सरकारी और बैंकिंग कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा होगा।
ऐसे खुला पूरे मामले का राज
स्थानीय निवासी विनोद पांडे को अपनी पुत्री का आधार कार्ड तुंगेश्वर-माल बजवाड़ मार्ग के किनारे पड़ा मिला।
जब उन्होंने इस संबंध में पोस्टमैन से जवाब मांगा तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने पोस्टमैन के कमरे का निरीक्षण किया, जहां कथित तौर पर तीन से चार बोरियों में बड़ी मात्रा में डाक रखी मिली।
डेढ़ साल से नियमित डाक वितरण नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से क्षेत्र में नियमित रूप से डाक का वितरण नहीं किया गया।
इस लापरवाही के कारण कई लोगों को समय पर सरकारी दस्तावेज, बैंकिंग संबंधी कागजात और अन्य जरूरी डाक नहीं मिल सकी।
डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद डाक विभाग की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
अधीक्षक डाकघर चमोली अजय कुमार ने कहा कि किसी भी पोस्टमैन द्वारा अपने निजी कमरे में डाक रखना पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई गई है और संबंधित पोस्टमैन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों के बड़े सवाल
- आखिर महत्वपूर्ण दस्तावेज लोगों तक पहुंचाने के बजाय बोरियों में क्यों रखे गए?
- क्या इस लापरवाही से प्रभावित लोगों को न्याय मिलेगा?
- क्या डाक विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा?
- दोषी पोस्टमैन के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
- क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी?





