देहरादून। पंजाब की समृद्ध लोकसंगीत और सांस्कृतिक विरासत को देहरादून में जीवंत करते हुए सरदार भगवान सिंह यूनिवर्सिटी (SBSU) में ‘इकोज़ ऑफ पंजाब’ (Echoes of Punjab) म्यूजिकल इवनिंग का आयोजन किया गया। पंजाब सरकार के भाषा विभाग की ओर से आयोजित 33वें ‘पंजाब के बाहर कार्यक्रम’ (Events Outside Punjab) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाबी लोकसंगीत की शानदार प्रस्तुतियों ने माहौल को संगीतमय बना दिया।
याकूब और रांझे सरदार की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम में गायक याकूब और रांझे सरदार ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। पंजाबी लोकसंगीत की पारंपरिक धुनों और जोशीली प्रस्तुतियों पर विद्यार्थियों, फैकल्टी, स्टाफ और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाईं।
कार्यक्रम के माध्यम से देहरादून में पंजाब से बाहर पंजाबी भाषा, लोकसंगीत और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों और यूनिवर्सिटी समुदाय को पंजाबी लोकसंगीत की परंपरा और उसकी जीवंतता को करीब से जानने का अवसर मिला।
IAS युगल किशोर पंत रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में श्री युगल किशोर पंत (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में SBSU के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के सदस्य डॉ. ए.एस. बरार और सरदारनी हरिंदर पाल कौर भी मौजूद रहीं।
इसके अलावा पंजाब सरकार के भाषा विभाग के डायरेक्टर एस. जसवंत सिंह जफर, असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह, रिसर्च ऑफिसर डॉ. सुखदर्शन सिंह और श्री हरप्रीत सिंह सहित शहर के नागरिक और समाजसेवी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिक्षा के साथ संस्कृति से जुड़ाव पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता SBSU के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) जे. कुमार ने की। उन्होंने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए शिक्षा के साथ सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने ग्रामीण जीवन और लोकसंगीत के बीच गहरे संबंध का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपने समुदायों की भाषाओं, गीतों और कहानियोंको जानने तथा उन्हें संरक्षित रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
यूनिवर्सिटी के अधिकारी और छात्र भी हुए शामिल
कार्यक्रम में गौरव भारती शिक्षा संस्थान के चेयरमैन श्री एस.पी. सिंह, SBSU के प्रेसिडेंट डॉ. गौरव दीप सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. दीपक साहनी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. मनीष अरोड़ा, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की डायरेक्टर प्रो. वीणा राम, परीक्षा नियंत्रक सुश्री उर्मी चौरसिया और मैनेजर श्री जोगेश सिंह सहित डीन, विभागाध्यक्ष, इंचार्ज, फैकल्टी सदस्य, छात्र और स्टाफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। इस दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारत की विविध भाषाई एवं संगीत विरासत को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।


