अल्मोड़ा। उत्तराखंड के गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल में आयोजित एमटीएस (समूह-ग) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
परीक्षा में हरियाणा के एक अभ्यर्थी की जगह दूसरा युवक परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। मामले का खुलासा होने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। संस्थान की शिकायत पर सोमेश्वर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों से हुआ खुलासा
संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी सजीष कुमार पीवी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, 4 जुलाई को सुबह 10 बजे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत एमटीएस (समूह-ग) के एक पद के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 12 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद निरीक्षकों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। हालांकि परीक्षा में व्यवधान न हो, इसलिए अधिकारियों ने परीक्षा शांतिपूर्वक पूरी कराई। परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित अभ्यर्थी से पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।
हरियाणा के अमित की जगह साहिल दे रहा था परीक्षा
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कैथल (हरियाणा) निवासी अमित कुमार की जगह जींद (हरियाणा) निवासी साहिल परीक्षा दे रहा था। पूछताछ के दौरान साहिल ने स्वीकार किया कि वह अमित कुमार के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे साहिल ने पैसों के लालच में यह कदम उठाया।
लाइब्रेरी में हुई दोस्ती, फिर रची गई फर्जीवाड़े की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार अमित और साहिल की मुलाकात एक लाइब्रेरी में हुई थी। यहीं दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में भर्ती परीक्षा में फर्जी तरीके से शामिल होने की योजना बनाई गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के बीच परीक्षा देने के बदले 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का सौदा तय हुआ था।
दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
संस्थान की शिकायत के आधार पर सोमेश्वर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह शामिल था या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





