वनाग्नि में जले जंगलों को दोबारा हराभरा करने और वृक्षारोपण कर उसका महत्व बताने के लिए बच्चों को साथ लाए परिजन।

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड में नैनीताल के चौरसा गांव में आज वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कुछ परिवारों ने अपने बच्चों को वृक्षारोपण के गुर सिखाए, जो आने वाली पीढ़ियों को जानना बहुत जरूरी है।
नैनीताल में भवाली गांव के चौरसा क्षेत्र में आज वृक्षारोपण का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें, नैनीताल, खैरना और चौरसा गांव के पर्यावरण प्रेमियों ने वनाग्नि में जले जंगल के एक हिस्से में वृक्षारोपण किया। उन्होंने, भवाली गांव के चौरसा क्षेत्र में मोरपंखी, देवदार, बांज, फर, खरसू, अंगु, किलमोडा, पदम आदि के वृक्ष लगाए और वापसी में कनार, रात की रानी और गुड़हल के वृक्षों की कटिंग लेकर आए। इस मौके पर विशेष बात ये रही कि कुछ पर्यावरणविद अपने बच्चों के स्कूलों में छुट्टी को देखते हुए बच्चों को इस कार्यक्रम में लेकर आए और उन्हें पर्यावरण बचाने की इस राह में चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में ‘नासा’, ‘जय श्री राम सेवा दल’, ‘मिशन मेरा पहाड़’ संगठन से योगेश साह, यशपाल रावत, पान सिंह ढेला, बीना ढेला, रामगढ़ रेंज के फारेस्ट गार्ड नारायण सिंह, अद्धिवक्ता नितिन कार्की, मंनोज कुमार, विवेक वर्मा, पंकज बिष्ट, भूपाल बिष्ट ‘आर.ओ.’, किशोर ढेला, करन, विक्की, रोहित, कुनाल, जय, गृति, श्रेयष, हनी आदि सम्मिलित रहे। सदस्यों ने कहा कि वो आगे भी वृक्षों को नैनीताल व चारों तरफ लगते रहेंगे।

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