देहरादून, 21 अक्टूबर। नीरज उत्तराखंडी
ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान, सरकारी योजनाओं की धरातलीय समीक्षा और प्रशासन तथा जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून ने ‘रात्रि चौपाल’ की शुरुआत की है। पहली रात्रि चौपाल विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा-मालदेवता में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, जर्जर विद्यालय भवन, धान की फसल में रोग एवं खरपतवार, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान, सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने और विद्यालय में पेयजल सहित विभिन्न समस्याएं उठाईं। सीडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
नहर-पुलिया की मरम्मत और फसल की समस्या पर निर्देश
मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने सिंचाई नहर, पुलिया, विद्यालय भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान की समस्या रखी। सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को नहर एवं पुलिया की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कृषि विभाग को धान की फसल में रोग और खरपतवार की समस्या की जांच कर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन देने को कहा गया। खरपतवार के नमूने पंतनगर भेजकर उसकी पहचान और प्रभाव का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन की डीपीआर तैयार है और जल्द धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। सीडीओ ने संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जलभराव की समस्या पर विभागों को समन्वय के निर्देश
क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने से घर के आसपास जलभराव की समस्या उठाई। सीडीओ ने सिंचाई और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
ग्राम प्रधान सरखेत ने विद्यालय में पेयजल की समस्या रखी। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट स्वीकृत किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायत पर नहर का निरीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए। पेयजल लाइन में रिसाव की शिकायत पर जल संस्थान के अधिकारी को तत्काल मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया।
पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव, रेबीज इंजेक्शन रखने के निर्देश
चौपाल में मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि पीएचसी को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
सीडीओ ने पीएचसी में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए और की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा।
चौपाल से पहले सरकारी संस्थानों का निरीक्षण
रात्रि चौपाल से पूर्व सीडीओ अभिनव शाह ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान और निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
प्रशासन के अनुसार रात्रि चौपाल केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों में राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
रोजगार, पलायन और ग्रामीण पर्यटन पर भी होगा संवाद
रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी और पशुपालन के जरिए स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
चौपाल में जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्यान विभाग ने किसानों को बीज वितरित किए। ग्रामीणों को स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता की जानकारी दी गई।
सीडीओ ने कहा कि रात्रि चौपाल का उद्देश्य ग्राम स्तर की छोटी-छोटी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा और विभागों के बीच समन्वय से निस्तारण में तेजी आएगी।
चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।






