- नगरासू गुरुद्वारा विवाद गहराया, प्रबंधन ने लगाए कब्जे, तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप; प्रशासन की वार्ता भी बेनतीजा
रुद्रप्रयाग, 21 जून। कर्णप्रयाग विवाद के बाद अब नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। गुरुद्वारे की छत पर कुछ निहंग सिखों के डटे रहने के कारण क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे समझाइश एवं वार्ता के प्रयास अब तक सफल नहीं हो पाए हैं।
इस बीच गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने पत्रकार वार्ता कर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि छत पर मौजूद लोग किसी मान्यता प्राप्त निहंग संगठन या पंजीकृत समिति से जुड़े नहीं हैं और उनकी गतिविधियों से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया है।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने लगाए कब्जे और मारपीट के आरोप
गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह के अनुसार, कुछ लोग दो बाइक और पैदल गुरुद्वारे पहुंचे थे। आते ही उन्होंने सेवादारों के साथ विवाद शुरू कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर मामला और बढ़ गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने गुरुद्वारे के परिसर पर कब्जा जमाने की कोशिश की तथा एक बाबा और सेवादारों के साथ मारपीट भी की। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
एक बुजुर्ग को बंधक बनाने का आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधन का दावा है कि छत पर मौजूद लोगों ने दो व्यक्तियों को अपने कब्जे में लिया था। इनमें से एक युवक को छुड़ा लिया गया, जबकि लगभग 60 वर्षीय एक बुजुर्ग अभी भी उनके कब्जे में होने का आरोप लगाया गया है।
इस दावे के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की निगरानी कर रही है और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास जारी है।
सोलर सिस्टम में तोड़फोड़, पानी की सप्लाई रोकी
बेहंत सिंह ने आरोप लगाया कि छत पर मौजूद लोगों ने गुरुद्वारे के सोलर सिस्टम में तोड़फोड़ की है और पानी की सप्लाई भी बाधित कर दी है। इससे गुरुद्वारे में रहने वाले श्रद्धालुओं और प्रबंधन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी फोन के माध्यम से उनसे बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने और विवाद समाप्त करने के लिए समझाया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
तीन निहंगों की रिहाई की मांग पर अड़े
जानकारी के अनुसार,छत पर डटे लोगों की प्रमुख मांगों में कर्णप्रयाग विवाद के बाद जेल भेजे गए तीन निहंग सिखों की रिहाई भी शामिल है। प्रशासन ने उनकी बात सुनने और समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक गतिरोध समाप्त नहीं हो सका है।
कर्णप्रयाग विवाद के बाद संवेदनशील बना माहौल
गौरतलब है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद से क्षेत्र का माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में नगरासू गुरुद्वारे की घटना ने प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित नगरासू में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए पुलिस ने गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
लगातार जारी गतिरोध के चलते स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने के प्रयास लगातार जारी हैं।





