चमोली। भारत-तिब्बत सीमा से सटी सीमांत नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि नशामुक्ति, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का एक बड़ा अभियान बन गई।
नशे के खिलाफ कार्यरत संस्था सजग इंडिया ने आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए हजारों प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी, जिला प्रशासन और सजग इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों से आए करीब 1200 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
1200 खिलाड़ियों को बनाया गया नशामुक्त भारत का ब्रांड एम्बेसडर
राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सदस्य एवं सजग इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने बताया कि संस्था पिछले 15 वर्षों से उत्तराखंड में नशामुक्ति अभियान चला रही है। नीति घाटी में आयोजित इस अंतरराज्यीय आयोजन के माध्यम से खिलाड़ियों को “नशे को ना, फिटनेस को हां” का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों को सजग इंडिया ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। इसी उद्देश्य से 1200 खिलाड़ियों को प्रतीकात्मक रूप से सजग इंडिया का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया।
75 किलोमीटर अल्ट्रा रन से लेकर MTB चैलेंज तक हुए रोमांचक मुकाबले
तीन दिवसीय ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया गया। प्रतियोगिता में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर रन तथा एमटीबी चैलेंज जैसी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं।
पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी के बीच 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन आयोजित हुई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर मैराथन में 118 खिलाड़ियों ने भागीदारी की।
इसके बाद 5, 10 और 21 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज भी आयोजित किया गया, जिसने प्रतिभागियों और दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया।
सीमांत गांवों में चलाया गया नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
आयोजन के दौरान सजग इंडिया की टीम ने नीति, गमसाली, बम्पा, मलारी सहित आसपास के आठ सीमांत गांवों के लोगों से संवाद स्थापित किया। टीम ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और फिटनेस के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि खेल और फिटनेस आधारित आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खेल और फिटनेस से मजबूत होगा नशामुक्त भारत का संकल्प
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को खेल, साहसिक गतिविधियों और स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ा जाए तो नशे की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। नीति घाटी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय, कर्नल शान्तनु, आरजे काव्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा भारतीय सेना, आईटीबीपी के अधिकारी एवं जवान, सजग इंडिया के सदस्य अभिषेक राणा, नंदनी कुमोला, योगेश चिराल, विवेक, मानसी रावत, सुहानी काला, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पर्यटन, खेल और सामाजिक जागरूकता का बना अनूठा संगम
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 ने न केवल सीमांत क्षेत्र में साहसिक खेलों और पर्यटन को नई पहचान दी, बल्कि नशामुक्ति, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का काम किया।




