उत्तराखंड में 200 से अधिक पत्रकारों की मान्यता रद्द, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सवाल

उत्तराखंड में पत्रकारिता जगत एक बड़े संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि राज्य में 200 से अधिक पत्रकारों की मान्यता अचानक निरस्त कर दी गई है। हल्द्वानी के विधायक ने इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए नियम-300 के तहत सरकार का ध्यान आकर्षित किया। यह विवाद अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रह […]

उत्तराखंड में पत्रकारिता जगत एक बड़े संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि राज्य में 200 से अधिक पत्रकारों की मान्यता अचानक निरस्त कर दी गई है। हल्द्वानी के विधायक ने इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए नियम-300 के तहत सरकार का ध्यान आकर्षित किया। यह विवाद अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

 

विधायक सुमित हृदयेश ने सदन में बताया कि सूचना विभाग ने कथित मिथ्या एलआईयू रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2026 के लिए 200 से अधिक मान्यता प्राप्त पत्रकारों का नवीनीकरण रोक दिया है। प्रभावित पत्रकारों में उधमसिंहनगर के 29 और नैनीताल जिले के 31 पत्रकार भी शामिल हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के खिलाफ एक साजिश करार दिया और कहा कि इनमें से अधिकांश पत्रकार पिछले 20 से 30 वर्षों से उत्तराखंड में वरिष्ठ और मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।

 

वरिष्ठ पत्रकार विक्रम श्रीवास्तव ने इस फैसले को गंभीर बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों की मान्यता एक साथ रद्द करना पहले कभी नहीं देखा गया। उनका कहना है कि यह कदम पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सीधा हमला माना जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सूचना महानिदेशक और मुख्यमंत्री से इस विषय पर चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

 

इस फैसले से प्रभावित पत्रकारों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उनके लिए नवीनीकरण का भविष्य अनिश्चित हो गया है और पत्रकारिता के नैतिक और पेशेवर मानकों को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला लोकतंत्र और मीडिया की स्वतंत्रता के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है और इसे शीघ्र समाधान की आवश्यकता है।

 

स्थिति को देखते हुए पत्रकार संगठनों और नागरिक समाज ने सरकार से अपील की है कि प्रभावित पत्रकारों की मान्यता को जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि मीडिया स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सके।

Also Read This

ब्रेकिंग: ग्राम प्रधानों के आंदोलन पर सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता , 10 सूत्रीय मांगों पर समिति गठित

देहरादून: उत्तराखंड में ग्राम प्रधानों के 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन और सचिवालय कूच के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।मुख्यमंत्री...

चेतावनी : उत्तराखंड में कल 11 बजे बजेगा भूकंप का सायरन;जानिए कारण

देहरादून: उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की तैयारियों को परखने और आमजन को जागरूक करने के लिए 9 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे...

Related Posts