एक्सक्लूसिव : आचार संहिता मे नियुक्तियों पर सवाल

शहरी विकास निदेशालय (SUDA) में एक्स्पर्ट की नियुक्तियां…!
क्या ये आचार संहिता का उल्लघंन नहीं?
आखिर इतनी जल्दी भी क्या?
9माह की चुप्पी और अब इतनी जल्दबाजी, कि 10 दिन रुक नहीं सकते!
उठ रही है इन नियुक्तियों पर उंगलियां!

सुनील गुप्ता,देहरादून 

प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अटल आवास योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (-एन. यू. एल. एम.) के लिए प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विशेषज्ञों की भर्ती हेतु विगत 3 जनवरी से 17 जनवरी तक हुए साक्षात्कारों के परिणाम घोषित करने में जहां नौ माह लग गए, वहीँ एकाएक प्रदेश में पंचायत चुनावों के मद्देनजर लगी आचार संहिता के चलते चयन प्रक्रिया को अंजाम देकर नियुक्ति पत्रों का जारी किया जाना अनेक शंकाओं को जन्म देकर इन भर्तियों को संदेहास्पद बना रहा है।


सूत्रों के अनुसार लोगों का आरोप है कि सूडा को आखिर इतनी जल्दी क्या थी जोकि उनके द्वारा अचार संहिता का उल्लंघन करते हुए चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र आनन-फानन में जारी कर दिए गए।

कुछ लोगों का तो यह भी आरोप है कि इन नियुक्तियों में निष्पक्ष प्रक्रिया न अपनाकर चहेतों की नियुक्तियां की गई हैं तभी तो 4 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं!

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इन पदों पर साक्षात्कार पहले ही हो चुके थे और केंद्र सरकार की स्वीकृति के कारण यह मामला लंबित था। अधिकारियों का दूसरा तर्क यह है कि आचार संहिता ग्रामीण क्षेत्रों पर लागू हैं, अतः शहरी क्षेत्रों में इस तरह की नियुक्तियों में कोई बाधा नहीं है।

क्या सरकार व चुनाव आयोग इन नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर शंकाओं और संदेहास्पद आरोपों पर विराम लगाएगा?

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