एक्सक्लूसिव: ठेकेदार की मनमानी और विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे यात्री

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डामटा-बर्नीगाड़ के बीच निर्माण कार्य से उड़ रहे धूल के गुबार, दुर्घटना का भी खतरा बर्नीगाड़/डामटा, 27 अक्टूबर।नीरज उत्तराखंडी  यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डामटा और बर्नीगाड़ के बीच चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना […]

  • यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डामटा-बर्नीगाड़ के बीच निर्माण कार्य से उड़ रहे धूल के गुबार, दुर्घटना का भी खतरा

बर्नीगाड़/डामटा, 27 अक्टूबर।नीरज उत्तराखंडी 
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डामटा और बर्नीगाड़ के बीच चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही के साथ सड़क से उठने वाले धूल के गुबार के कारण कई स्थानों पर दृश्यता प्रभावित होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

निर्माणाधीन सड़क पर उड़ती धूल का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों पर पड़ रहा है। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी के साथ ही सामने से आने वाले वाहनों को देखने में भी दिक्कत होती है। इससे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन निर्माण एजेंसी को धूल नियंत्रण और यातायात सुरक्षा के मानकों का भी पालन करना चाहिए। उनका आरोप है कि सड़क पर पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण यात्रियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

विभाग ने दिए पानी के छिड़काव बढ़ाने के निर्देश

इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट के अधिशासी अभियंता जितेन्द्र कुमार ने बताया कि निर्माण एजेंसी को सड़क मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पानी के चार टैंकर लगाए गए हैं और इनकी संख्या बढ़ाकर आठ करने के लिए निर्माण एजेंसी को कहा गया है, ताकि सड़क पर धूल की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि दीपावली के बाद सड़क मार्ग पर डामर बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माणाधीन हिस्सों में धूल की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

फिलहाल सवाल यही है कि जब तक डामरीकरण का कार्य पूरा नहीं होता, तब तक यात्रियों की सुरक्षा और धूल नियंत्रण के लिए विभागीय निर्देशों का जमीन पर कितना प्रभावी पालन होता है। क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के बीच विकास की रफ्तार के साथ यातायात सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

Also Read This

ब्रेकिंग : करवाचौथ पर महिला कर्मचारियों को तोहफा; सार्वजनिक अवकाश घोषित

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने करवाचौथ के अवसर पर प्रदेश की महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार...

RTI की धार पर सवाल: कानून 30 दिन में सूचना का हक देता है, लेकिन आयोग तक पहुंचते-पहुंचते सालों का इंतजार!

देशभर में 3.85 लाख अपीलें लंबित; उत्तराखंड में 20 साल में 13.46 लाख RTI आवेदन, आयोग तक पहुंचे 59,750 मामलेदेहरादून। रिपोर्ट—नीरज उत्तराखंडीसूचना का...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts