PPF Scheme : जानिए क्यों लगा पीपीएफ फंड वालों को झटका !

PPF Scheme: लोगों को इस बार बजट से काफी उम्मीदें थी. वहीं केंद्र सरकार की ओर से पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ स्कीम चलाई जा रही है. लोगों को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से इस बार बजट में पीपीएफ स्कीम की लिमिट बढ़ाए जाने का ऐलान किया जा सकता है।

PPF Limit: वित्त मंत्री की ओर से केंद्रीय बजट पेश कर दिया गया है. इस बार के बजट में सरकार की ओर से कई अहम घोषणाएं की गई है. इन घोषणाओं के जरिए सरकार की ओर से हर वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है. वहीं कई नई स्कीम की शुरुआत भी केंद्र सरकार की ओर से इस बार के बजट में की गई है. हालांकि लोगों के जरिए सरकार की ओर से चलाई जा रही पुरानी योजनाओं में कुछ अहम बदलाव की उम्मीदें भी लगाई गई थीं, लेकिन सरकार ने उनमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया।

पीपीएफ स्कीम

लोगों को इस बार बजट से काफी उम्मीदें थी और सरकार की ओर से लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के प्रयास भी किए गए हैं. वहीं केंद्र सरकार की ओर से पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ स्कीम चलाई जा रही है. लोगों को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से इस बार बजट में पीपीएफ स्कीम की लिमिट बढ़ाए जाने का ऐलान किया जा सकता है. लोग काफी वक्त से पीपीएफ स्कीम में एक वित्त वर्ष में जमा की जाने वाली अधिकतम निवेश की सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहे थे. हालांकि लोगों की उम्मीदें वैसी की वैसी ही रह गई।

पीपीएफ इंवेस्टमेंट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बजट भाषण 2023 में पीपीएफ को लेकर कोई बदलाव की घोषणा नहीं की गई. ऐसे में पीपीएफ खाताधारकों की उम्मीदों को भी झटका लगा है. फिलहाल जैसा फायदा पीपीएफ में पहले मिल रहा था, वही आगे भी मिलता रहेगा. पीपीएफ में एक वित्त वर्ष में अधिकतम निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये ही रहेगी।

टैक्स छूट

इसके अलावा पीपीएफ पर फिलहाल 7.1 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है. वहीं पीपीएफ स्कीम में मिलने वाला टैक्स बेनेफिट भी पहले जैसा ही बना रहेगा और लोग पहले की तरह की पीपीएफ स्कीम से टैक्स छूट भी हासिल कर पाएंगे।

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