देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने महिला एवं बाल विकास सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मंत्री आर्या ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों को तमाम जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रोजाना केंद्र पर रहना होगा
मंत्री आर्या ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी बीएलओ (BLO) या अन्य चुनावी कार्यों में लगाई जाती है, तब भी उन्हें प्रतिदिन कम से कम एक घंटे अपने आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। सरकार ने साफ किया कि विभागीय योजनाओं के संचालन में किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
अगस्त तक 3,211 रिक्त पदों पर होगी भर्ती
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2,773 सहायिकाओं सहित कुल 3,211 रिक्त पदों पर अगस्त 2026 के अंत तक शत-प्रतिशत नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रदेश के सभी केंद्रों पर पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
पोषण ट्रैकर ऐप में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सरकार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकांश योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं और उनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाती है। ऐसे में पोषण ट्रैकर ऐप (Poshan Tracker App) पर समय पर डेटा अपलोड करना और बच्चों के वजन की नियमित निगरानी अनिवार्य होगी।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया कि डेटा फीडिंग या मॉनिटरिंग में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जुलाई अंत तक बनेंगे आधार कार्ड और अपार आईडी
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार (APAAR) आईडी बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जुलाई 2026 के अंत तक यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए।
सरकार ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा के बाद भी कार्य अधूरा रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं होंगी बेहतर
मंत्री आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बिजली, पेयजल, शौचालय और रसोई (किचन) जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
बैठक में मंत्री आर्या ने दोहराया कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सभी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से धरातल पर लागू करना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।





