- ई-रवन्ना रिकॉर्ड से 760.04 टन अधिक उपखनिज मिला, ₹2.43 लाख का जुर्माना आरोपित; नदी तक बंद रास्ता खुला मिलने से उठे गंभीर सवाल
बड़कोट, 5 अक्टूबर। नीरज उत्तराखंडी
तहसील बड़कोट के ग्राम पौटी के इदेली तोक स्थित शिवम स्टोन क्रेशर में राजस्व एवं खनन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़ी अनियमितता पकड़ी है। क्रेशर परिसर में ई-रवन्ना पोर्टल पर दर्ज मात्रा से 760.04 टन अधिक उपखनिज मिलने के बाद प्रशासन ने क्रेशर को अग्रिम आदेशों तक सीज कर दिया है। विभाग ने संबंधित प्रकरण में ₹2,43,213 का जुर्माना आरोपित किया है।
प्रशासन को पिछले एक-दो दिनों से शिकायत मिल रही थी कि उक्त स्टोन क्रेशर द्वारा रात के समय यमुना नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी और जिला खान अधिकारी उत्तरकाशी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर 5 अक्टूबर को क्रेशर का औचक निरीक्षण किया गया।
बंद रास्ता खुला मिला, नदी से उपखनिज लाने का आरोप
जांच के दौरान टीम को क्रेशर प्लांट से नदी की ओर जाने वाला वह रास्ता खुला मिला, जिसे पूर्व में बंद किया गया था। मौके पर नदी क्षेत्र से लाए गए उपखनिज आरबीएम के भंडारण की स्थिति भी पाई गई। इसके बाद क्रेशर परिसर में मौजूद उपखनिज की पैमाइश कर उसे ई-रवन्ना पोर्टल पर दर्ज मात्रा से मिलाया गया।
विभागीय जांच के अनुसार क्रेशर परिसर में आठ ढेरियों में कुल 9,744.30 टन उपखनिज पाया गया, जबकि ई-रवन्ना पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक मात्रा 8,984.26 टन थी। इस तरह मौके पर रिकॉर्ड से 760.04 टन अधिक उपखनिज पाया गया।
रिकॉर्ड और मौके की मात्रा में इस अंतर को विभाग ने गंभीर अनियमितता मानते हुए अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण नियमावली-2021, यथा संशोधित 2024 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
पोर्टल भी बंद, गतिविधियों पर रोक
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शिवम स्टोन क्रेशर पर ₹2,43,213 का जुर्माना आरोपित किया है। साथ ही क्रेशर को अग्रिम आदेशों तक सीज कर उसका पोर्टल भी बंद कर दिया गया है।
क्रेशर स्वामी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अग्रिम आदेशों तक परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित न की जाए। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रात में अवैध खनन की शिकायत ने बढ़ाई चिंता
यमुना नदी में रात के समय कथित अवैध खनन की शिकायत और क्रेशर से नदी तक पूर्व में बंद किए गए रास्ते के दोबारा खुले मिलने की स्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। हालांकि विभागीय कार्रवाई फिलहाल मौके पर मिले अतिरिक्त उपखनिज और रिकॉर्ड के अंतर पर केंद्रित है, लेकिन नदी तक रास्ता खुला मिलने से यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि आखिर बंद रास्ता किसने और कब खोला तथा नदी से उपखनिज क्रेशर परिसर तक कैसे पहुंचा।
ऐसे में आगे की जांच में मौके पर मिले अतिरिक्त उपखनिज के स्रोत, उसके परिवहन तथा संबंधित ई-रवन्ना रिकॉर्ड की भी पड़ताल अहम होगी।
‘अवैध खनन की किसी को छूट नहीं’
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी ने कहा कि तहसील क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। जहां से भी सूचना प्राप्त होती है, वहां तत्काल टीम भेजकर अथवा स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाती है।
जिला खान अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि जनपद में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी क्षेत्र से अवैध खनन या परिवहन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी खनन कारोबारी को अवैध गतिविधियों की छूट नहीं है और सूचना मिलने पर कार्रवाई निश्चित है।
उन्होंने सभी खनन उद्यमियों को नियमानुसार कार्य करने की हिदायत देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार लगातार की जा रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप पिछले दो वर्षों में जनपद के राजस्व में लगातार वृद्धि हुई है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
शिवम स्टोन क्रेशर की जांच, पैमाइश और सीज की कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट के साथ राजस्व उपनिरीक्षक पौटी, सहायक खनिज पर्यवेक्षक, खनन विभाग तथा नायब तहसीलदार बड़कोट सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बड़ा सवाल:
यमुना नदी से जुड़ी संवेदनशील खनन गतिविधियों में यदि रिकॉर्ड से 760.04 टन अधिक उपखनिज मिला और नदी की ओर जाने वाला पूर्व में बंद रास्ता खुला पाया गया, तो अब जांच का अगला चरण यह तय करेगा कि अतिरिक्त उपखनिज का वास्तविक स्रोत क्या था और नदी क्षेत्र में रात के समय खनन की शिकायत की हकीकत क्या है।






