Nainital News: ज्योलीकोट में दूषित पेयजल से दो लोगों की मौत और 400 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने के मामले में शासन ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। प्रभारी अधीक्षण अभियंता समेत 6 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
नैनीताल: जिले के ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि के बाद उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार समेत छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, जल संस्थान नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश एम. पिल्लई को भविष्य के लिए कठोर चेतावनी जारी की गई है।
प्रभारी अधीक्षण अभियंता समेत 6 अधिकारी निलंबित
शासन ने ज्योलीकोट दूषित पेयजल प्रकरण में लापरवाही के लिए उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमारको निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय, देहरादून से संबद्ध किया गया है।
उनके स्थान पर नंद किशोर को अधीक्षण अभियंता का दायित्व सौंपा गया है।
इसके अलावा शासन ने निम्न अधिकारियों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की है:
- मोहन सिंह रावत — सहायक अभियंता, उत्तराखंड जल संस्थान, नैनीताल
- रविंद्र — अपर सहायक अभियंता
- दीपांशु शर्मा — कनिष्ठ अभियंता
- संजय कुमार आर्या — प्रभारी सहायक अभियंता
- शशिपाल सिंह — प्रभारी अधिशासी अभियंता, पेयजल निर्माण शाखा, पेयजल निगम, भीमताल
इन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
अधिशासी अभियंता को कठोर चेतावनी
इसी मामले में जल संस्थान नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश एम. पिल्लई को भविष्य के लिए कठोर चेतावनी जारी की गई है।
शासन ने अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण को लेकर जवाब भी तलब किया था। बताया गया है कि अधिकारियों की ओर से शासन को दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
दूषित पानी से दो लोगों की मौत, 400 से ज्यादा बीमार
बता दें कि ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए थे। इस प्रकरण में दो लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी, जबकि 400 से अधिक लोग पीलिया और डायरिया की चपेट में आए थे।
बीमार लोगों को हल्द्वानी के बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा कई मरीजों ने निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया।
बताया जा रहा है कि अभी भी अस्पतालों में पीलिया और डायरिया से प्रभावित कई मरीजों का इलाज चल रहा है।
दूषित पेयजल मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई
ज्योलीकोट में दूषित पेयजल से जुड़ी घटना के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की थी। जवाब तलब किए जाने के बाद अब छह अधिकारियों के निलंबन और एक अधिकारी को कठोर चेतावनी की कार्रवाई सामने आई है।
यह कार्रवाई पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही के आरोपों को लेकर की गई है।


