रुद्रप्रयाग। जगदम्बा कोठारी
उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने 10 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान सभी तहसील मुख्यालयों पर शिक्षक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना देंगे और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
रुद्रप्रयाग जनपद के प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा अगस्त्यमुनि ने भी आंदोलन में पूर्ण सहभागिता की घोषणा करते हुए सभी शिक्षकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
इन दो प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे शिक्षक
शिक्षक संगठन का कहना है कि सरकार की वर्तमान नीतियां शिक्षकों के हितों के विपरीत हैं। संगठन ने विशेष रूप से दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है—
- अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।
- सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए TET (Teacher Eligibility Test) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
संघ का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है और इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
तहसील मुख्यालयों पर होगा धरना, सरकार को भेजा जाएगा ज्ञापन
प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा अगस्त्यमुनि के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की जाएगी।
संगठन का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, ताकि सरकार तक शिक्षकों की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
ये भी पढ़े :
- बड़ी खबर: उत्तराखंड के पांच जिलों में CBI की छापेमारी। BRO भ्रष्टाचार से जुड़ा हैं मामला
- जॉब्स : 10वीं पास और ITI उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका । ₹39 हजार तक मिलेगी सैलरी
- ब्रेकिंग: उत्तराखंड में पंचायत उपचुनाव का ऐलान। 12 जिलों में इस दिन होंगे मतदान
- बड़ी खबर: भूमाफियाओं पर एक्शन,डेयरी प्रबंधक के वेतन पर रोक । दून डीएम की लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी
- बड़ी कार्रवाई: अवैध खनन पर 5 रिटेल भंडारण निरस्त;जानिए किन पर गिरी गाज
सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील
शाखा अगस्त्यमुनि के पदाधिकारियों ने सभी प्राथमिक शिक्षकों से अपील की है कि वे 10 जुलाई को अपने-अपने तहसील मुख्यालयों में निर्धारित समय पर पहुंचकर आंदोलन में भाग लें।
संघ का मानना है कि यदि शिक्षक एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे, तभी सरकार पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बनेगा।
शिक्षक संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह केवल शिक्षकों के हितों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और कर्मचारियों के भविष्य का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।
क्या हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
- अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।
- RTI लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दी जाए।
- सेवा एवं पदोन्नति से जुड़े नियमों में व्यावहारिक और न्यायसंगत संशोधन किए जाएं।
- शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।





