गड़बड़झाला : आपदा की आड़ में सरकारी धन लग रहा ठिकाने, करोड़ों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता जीरो

पुरोला ।17 मार्च (स ह) नीरज उत्तराखंडी आपदा ग्रस्त क्षेत्र आराकोट बंगाण में करोड़ो की लागत से चल रहे निर्माण कार्यो की जमीनी हकीकत गुणवत्ता की पोल खोल रही है।  वही विभागीयअधिकारियों के चहेते ठेकेदार के साथ दरियादिली या मिलीभगत को भी उजागर कर रही है।  बतातें चलें कि आपदा प्रभावित आराकोट बंगाण क्षेत्र में  […]

पुरोला ।17 मार्च (स ह)

नीरज उत्तराखंडी

आपदा ग्रस्त क्षेत्र आराकोट बंगाण में करोड़ो की लागत से चल रहे निर्माण कार्यो की जमीनी हकीकत गुणवत्ता की पोल खोल रही है। 

वही विभागीयअधिकारियों के चहेते ठेकेदार के साथ दरियादिली या मिलीभगत को भी उजागर कर रही है। 

बतातें चलें कि आपदा प्रभावित आराकोट बंगाण क्षेत्र में  सरकार ने मसीहा मेरे तूने बीमार दिल की दवा लाते-लाते बहुत देर कर दी फिर भी देर से आए पर  दुरूस्त आये की तर्ज  पर आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों का निर्माण कार्य हेतु वजट जारी कियालेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही व ठेकेदार के साथ अगाध प्रेम के चलते निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी कर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है और आपदा के जख्मों  को भरने के बजाय और गहरा किया जा रहा है जो भविष्य में एक बड़ी आपदा को और भयावह आफत बनने  को न्यौता दे रहे है ।

  क्षेत्र में सिचाई विभाग के अंतर्गत करोड़ों की लागत से किसानों की कृषि भूमि को पहुंचे भारी नुकसान की भविष्य में आने वाली आपदा से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए  बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करवायें जा रहे हैं । किन्तु आरोप है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है बताया जा रहा है कि लंबे समय से मनमर्जी तरीके से घटिया गुणवत्ता का कार्य किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान का कहना है कि  मनमर्जी से कृषकों  की नाप भूमि पर ही निर्माण कार्य किया जा रहा है जबकि उनके  द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया गया कि निर्माण कार्य को नाप भूमि से बाहर किया जाए जिससे  भविष्य में किसानों की  नाप भूमि को पुनः कृषि, बागवानी एवं अन्य कार्यों में ला सके किन्तु विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदार द्वारा अपनी सुविधा अनुसार किसानों की  नाम भूमि पर ही निर्माण कार्य करवा दिया गया है ।

उन्होने कहा कि इससे पहले भी सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों, एवं न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी क्षेत्र मे चल रहे घटिया गुणवत्ता के कार्यो को  समस्त जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, फिर भी सब कुछ देखने के बाद भी सभी मौन है। उन्होंने क्षेत्र के जनमानस से  क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्र में चल रहे गलत कार्यो पर अंकुश लगाने  हेतु पार्टी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील की है ।

 

वही इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता संदीप  डोभाल का कहना है निम्न गुणवत्ता की शिकायत संज्ञान में आने पर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर घटिया गुणवत्ता के कार्य को डिसमेंटल किया जा रहा है ।

बहरहाल  आपदा की आड़ में अवैध कमाई का अवसर तलाशने  और सरकारी धन को ठिकाने लगाने वाले अनैतिक गठन बंधन की पौ बारह हो गई है । 

अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन मीडिया में  छपी खबरों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है या चुप्पी साध लेता है।

इस संबंध  में  अधिशासी  अभियन्ता  पन्नी लाल का कहना है कि निम्न गुणवत्ता के कार्य किए जाने की शिकायत का संज्ञान लिया जा रहा है और विभागीय जेई व एई द्वारा   स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है यदि घटिया गुणवत्ता का कार्य पाया जाता है तो उसे डिसमेंटल किया जायेगा।

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