एक्शन: फर्जी प्रमाणपत्र मामले में दो पटवारी निलंबित

ऊधम सिंह नगर। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति और अन्य प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बाजपुर और गदरपुर तहसील क्षेत्र में अभिलेखों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर दो राजस्व उप निरीक्षकों (पटवारियों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर […]

ऊधम सिंह नगर। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति और अन्य प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।

बाजपुर और गदरपुर तहसील क्षेत्र में अभिलेखों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर दो राजस्व उप निरीक्षकों (पटवारियों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों मामलों में जांच रिपोर्ट और उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद यह कार्रवाई की गई।

बाजपुर में फर्जी जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र का मामला

बाजपुर तहसील क्षेत्र में एसडीएम ऋचा सिंह ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों का मामला पकड़ा था। जांच के बाद संबंधित प्रमाणपत्रों को फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया।

इस मामले में बरहैनी क्षेत्र के लेखपाल की ओर से नगर पंचायत बरखेड़ा के अध्यक्ष श्याम बिहारी समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले में श्याम बिहारी समेत पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

एसडीएम ऋचा सिंह के अनुसार, बिरिया पटवारी सर्किल में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पांच प्रमाणपत्र बनाए गए थे। तहसीलदार पीएस चौहान की 24 सितंबर को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में भी अनियमितता की पुष्टि होने की बात सामने आई।

इसके बाद जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर संबंधित पटवारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बिरिया क्षेत्र से संबंधित पटवारी मोहम्मद अजमल खान को उत्तराखंड राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली-2025 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

गदरपुर में MBBS प्रवेश से जुड़े प्रमाणपत्र मामले में कार्रवाई

वहीं, गदरपुर तहसील क्षेत्र में MBBS प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े मामले में भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। गोविंदपुर क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक सरताज अली को अभिलेखों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने का दोषी पाए जाने के बाद निलंबित किया गया है।

यह कार्रवाई तहसीलदार लीना चंद्रा धामी की जांच रिपोर्ट और एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के आदेश पर की गई।

निलंबन के बाद राजस्व उप निरीक्षक सरताज अली को गोविंदपुर क्षेत्र से हटाकर तहसील मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

दो तहसीलों में कार्रवाई से राजस्व विभाग में हलचल

ऊधम सिंह नगर की दो अलग-अलग तहसीलों में फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़े मामलों में दो राजस्व उप निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।

प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रमाणपत्र जारी करने और अभिलेखों के सत्यापन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा ।

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