दिल्ली में 7 और 8 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय स्तर की 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में उत्तराखंड के दो युवा धावकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में पहला स्थान हासिल किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ दोनों खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल जीतने के साथ-साथ आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जो स्पेन में आयोजित होगी।
पौड़ी जिले के हाई एल्टीट्यूड रांसी स्टेडियम में लंबे समय से प्रशिक्षण ले रहे इन खिलाड़ियों की सफलता से न केवल पौड़ी बल्कि पूरे उत्तराखंड में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों और लोगों ने दोनों एथलीटों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मीनाक्षी नेगी ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
पौड़ी जिले के थली गांव की रहने वाली धाविका मीनाक्षी नेगी ने महिला वर्ग में 100 किलोमीटर की कठिन दौड़ को 8 घंटे 33 मिनट में पूरा कर पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि उन्होंने इस दौड़ का पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 8 घंटे 43 मिनट का था, जिसे मीनाक्षी ने 10 मिनट पहले दौड़ पूरी कर पीछे छोड़ दिया।
मीनाक्षी पिछले ढाई वर्षों से रांसी के हाई एल्टीट्यूड मैदान में कोच रूपेश यादव के मार्गदर्शन में लगातार कड़ा प्रशिक्षण ले रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब वह स्पेन में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गई हैं।
पहले भी कई बड़ी दौड़ों में दिखा चुकी हैं दम
मीनाक्षी ने इससे पहले भी कई लंबी दूरी की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने आदि कैलाश में आयोजित 60 किलोमीटर मैराथन में पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा गुजरात में आयोजित बीएसएफ मैराथन की 60 किलोमीटर दौड़ में भी वह विजेता रही थीं। इन सफलताओं के बाद उन्होंने अपने अभ्यास को और मजबूत करते हुए रांसी स्टेडियम में लगातार प्रशिक्षण जारी रखा।
दिगंबर सिंह ने पुरुष वर्ग में मारी बाजी
चमोली जिले के दिगंबर सिंह ने पुरुष वर्ग की 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने यह कठिन दूरी 7 घंटे 38 मिनट में पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि यह दिगंबर की पहली 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन थी, जिसमें उन्होंने सीधे शीर्ष स्थान हासिल कर सबको प्रभावित किया।
दिगंबर पिछले डेढ़ साल से पौड़ी के रांसी मैदान में रोजाना 3 से 4 घंटे कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और अपने कोच के मार्गदर्शन में लगातार तैयारी कर रहे हैं।
कोच ने बताया मेहनत का नतीजा
दोनों खिलाड़ियों की सफलता पर उनके कोच ने खुशी जताते हुए कहा कि लंबे समय से रांसी स्टेडियम में किए गए कठिन अभ्यास, अनुशासन और समर्पण का ही यह परिणाम है। उनका लक्ष्य हमेशा बड़े मंच पर राज्य और देश का नाम रोशन करना रहा है।

अब सभी की निगाहें स्पेन में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप पर टिकी हैं, जहां ये दोनों एथलीट भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उत्तराखंड को उम्मीद है कि यह जोड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाएगी।




