देहरादून: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार बागेश्वर जिले में धरती डोली। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 मापी गई, जबकि इसकी गहराई 5 किलोमीटर बताई गई है। इससे पहले 25 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
बागेश्वर में भूकंप के बाद प्रशासन अलर्ट
जानकारी के अनुसार, बागेश्वर में शाम के समय भूकंप के झटके महसूस होने पर कुछ लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। प्रशासन ने तहसीलों और ग्रामसभाओं से स्थिति की जानकारी जुटाई।
उत्तराखंड में कम गहराई वाले भूकंप चिंता का विषय
उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच होने वाली हलचल इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का प्रमुख कारण है।
बागेश्वर में आए भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर बताई गई, जबकि पिथौरागढ़ में 25 अक्टूबर को आए भूकंप की गहराई 11 किलोमीटर थी।
हालांकि, केवल कम गहराई के आधार पर बड़े भूकंप या भारी नुकसान की आशंका का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। भूकंप से होने वाला नुकसान उसकी तीव्रता, गहराई, केंद्र से दूरी और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
हिमालयी क्षेत्र में बड़े भूकंप की संभावना पर वैज्ञानिक अध्ययन
हिमालयी क्षेत्र में लंबे समय से बड़े भूकंप की संभावना को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने पुराने आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर हिमालयी क्षेत्र में भविष्य में 7.5 से 8 मैग्नीट्यूड तक के भूकंप की संभावना का उल्लेख किया है।
हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययन किसी बड़े भूकंप की संभावित क्षमता का आकलन कर सकते हैं, लेकिन उसके आने की सटीक तारीख और समय की विश्वसनीय भविष्यवाणी फिलहाल संभव नहीं है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय भूकंप से बचाव के उपायों और प्रशासन की आधिकारिक सलाह पर ध्यान देना चाहिए।






