हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यटन, आयुर्वेद, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने समूह ‘ग’ की भर्तियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिनियम-2026 लागू करने और वीर बालकों को मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने के प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में बैठक आयोजित करने का उद्देश्य जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच जाकर लेना है।
पढ़िए फैसले :
- कैबिनेट ने उत्तराखंड में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती के लिए अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस फैसले का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अग्निवीरों को राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस निर्णय के लागू होने से संबंधित पात्रता और भर्ती नियमों के अनुसार अग्निवीरों को समूह ‘ग’ की भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
- कैबिनेट ने प्रदेश में बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों के नियमन और बेहतर प्रबंधन के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिनियम-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाढ़ मैदानों के प्रबंधन और संबंधित क्षेत्रों में नियमन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
- हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के माध्यम से मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। हरिद्वार में पहले से एक मेडिकल कॉलेज संचालित है। नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
- कैबिनेट ने साहस और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य बहादुरी दिखाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनके साहस को सम्मान देना है।
- आगामी उत्तराखंड विधानसभा सत्र के आयोजन को लेकर कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को समय और स्थान निर्धारित करने के लिए अधिकृत किया है। इससे सत्र कब और कहां आयोजित होगा, इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जा सकेगा।
- कैबिनेट ने प्रदेश की फायर सर्विस व्यवस्था में केंद्रीय मानकों के अनुरूप बदलाव करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य अग्निशमन सेवाओं की व्यवस्था और कार्यप्रणाली को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाना है।
- कैबिनेट ने जन विश्वास अधिनियम के दूसरे चरण को जल्द शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। इस पहल का उद्देश्य नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नागरिकों तथा कारोबारियों को राहत देने वाली व्यवस्था को आगे बढ़ाना है।
- हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना के लिए सोसायटी गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित संस्थान के माध्यम से भारतीय योग, ध्यान, ज्योतिष और अन्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- कैबिनेट बैठक में पर्यटन और आयुर्वेद विभाग से संबंधित विकास प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। इनका उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना है।
- बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों, विकास कार्यों और आवास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर गंगा पूजन
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती की। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की गई। मुख्यमंत्री ने देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की।
हरिद्वार में कैबिनेट बैठक का क्या है महत्व?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का उद्देश्य जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच जाकर लेना है। बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
कैबिनेट के इन फैसलों के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले शासनादेशों पर अब नजर रहेगी।






