हल्द्वानी में उत्तराखंड की पहली GI प्रोडक्ट गैलरी शुरू: एक ही छत के नीचे दिखेंगे राज्य के 30 से अधिक GI टैग उत्पाद

हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि जैव-विविधता को दुनिया के सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी (UKFTA) में राज्य की पहली भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग उत्पाद गैलरी की स्थापना की गई है। इस गैलरी में उत्तराखंड के 30 से […]

हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि जैव-विविधता को दुनिया के सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी (UKFTA) में राज्य की पहली भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग उत्पाद गैलरी की स्थापना की गई है।

इस गैलरी में उत्तराखंड के 30 से अधिक GI टैग प्राप्त उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया गया है।

आगंतुकों को मिलेगी उत्तराखंड की विरासत की झलक

यूकेएफटीए के निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि इस गैलरी का उद्देश्य आम लोगों, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और अकादमी में आने वाले देश-विदेश के अतिथियों को उत्तराखंड के विशिष्ट GI टैग उत्पादों से परिचित कराना है।

उन्होंने कहा कि यह गैलरी राज्य की समृद्ध कृषि जैव-विविधता, पारंपरिक शिल्पकला और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बनेगी।

तीन महीने में तैयार हुई गैलरी

अकादमी के अधिकारियों के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में करीब तीन महीने का समय लगा। इस दौरान उत्तराखंड के दूर-दराज़ के क्षेत्रों से GI टैग प्राप्त उत्पादों को एकत्र किया गया।

विशेष रूप से बेडू (जंगली अंजीर), रामनगर की लीची और रामगढ़ का आड़ू जैसे जल्दी खराब होने वाले फलों को विशेष तकनीक से संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है।

30 से अधिक GI टैग उत्पाद एक ही छत के नीचे

उत्तराखंड को अब तक 30 से अधिक GI टैग मिल चुके हैं, जिनमें कृषि उत्पाद, खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2023 में राज्य को एक ही दिन में रिकॉर्ड 18 GI टैग प्राप्त हुए थे।

गैलरी में प्रदर्शित प्रमुख कृषि उत्पादों में शामिल हैं—

  • तेजपत्ता
  • मुनस्यारी का सफेद राजमा
  • कुमाऊं का च्यूरा तेल
  • अल्मोड़ा की लखौरी मिर्च
  • बेरीनाग की चाय
  • उत्तराखंड का काला भट्ट (ब्लैक सोयाबीन)

हस्तशिल्प और पारंपरिक कला भी आकर्षण का केंद्र

गैलरी में उत्तराखंड की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को भी विशेष स्थान दिया गया है। इनमें—

  • उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपण कला
  • चमोली के राममाण उत्सव में उपयोग होने वाले लकड़ी के मुखौटे
  • ताम्टा ताम्र शिल्प (कॉपरवेयर)
  • रिंगाल बांस से बने हस्तशिल्प उत्पाद

को प्रदर्शित किया गया है।

नैनीताल की मोमबत्तियां और बुरांश का शरबत भी शामिल

गैलरी में नैनीताल की प्रसिद्ध मोमबत्तियां और बुरांश का शरबत भी प्रदर्शित किया गया है। बुरांश का शरबत Rhododendron arboreum के फूलों से तैयार किया जाता है और इसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है।

स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों का कहना है कि GI टैग किसी भी क्षेत्र विशेष के उत्पादों की मौलिक पहचान और गुणवत्ता को सुरक्षित रखने का काम करता है। इसके साथ ही यह स्थानीय किसानों, कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने, उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा टिकाऊ उत्पादन प्रणाली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नई GI प्रोडक्ट गैलरी के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Also Read This

ब्रेकिंग: श्रीनगर नगर निगम मेयर आरती भंडारी ने 10 पार्षद सहित ने थामा भाजपा का दामन

जयप्रकाश नौगाई  श्रीनगर गढ़वाल ------श्रीनगर गढ़वाल की नगर निगम की महापौर आरती भंडारी एवं उनके पति जो पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके...

ब्रेकिंग: भारी वर्षा को देखते हुए कल इस जिले में सभी स्कूल बंद

पौड़ी गढ़वाल ----- जयप्रकाश नौगाई उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts