देहरादून |
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर 14 अगस्त 2026 को जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में अत्यधिक भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है।
रेड अलर्ट के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर
कार्यालय जिलाधिकारी/जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून से जारी आदेश में कहा गया है कि मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों में देहरादून जिले में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण: भूस्खलन,मलबा गिरने,सड़क अवरुद्ध होने,जलभराव,नदी-नालों के उफान पर आने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
किन संस्थानों में रहेगा अवकाश?
जारी आदेश के अनुसार 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को निम्न संस्थान बंद रहेंगे:सभी सरकारी विद्यालय,सभी अशासकीय विद्यालय,सभी निजी स्कूल,जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, यह आदेश छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को आदेश की सूचना तत्काल पहुंचाने को कहा गया है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
- बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खराब मौसम में बाहर न निकलने दें।
लगातार सक्रिय है मानसून
उत्तराखंड में इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। देहरादून समेत कई जिलों में पहले से ही सड़कें बाधित होने और जलभराव की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव संसाधन भी तैनात किए जाएंगे।








