आयुक्त को सूखाताल झील के सौन्दर्यकरण में सीवेज मिला। होटल और स्कूल का कनेक्शन सीवर लाइन से हटाने को कहा।

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- उत्तराखण्ड के नैनीताल आए पर्यटकों की मौजमस्ती के लिए बनाई जा रही सूखाताल झील(वॉटर बॉडी)का आज निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त दीपक रावत ने झील में जा रहे सीवर पर नाराजगी जताते हुए विभाग से सोर्स का चालान कर को कहा।
नैनीताल में 2019 से एक प्रोजेक्ट के तहत सूखाताल झील को पर्यटकों के अनुरूप बनाने की कवायद चल रही है। नैनीझील के 40 प्रतिशत मुख्य रिचार्ज के रूप में पहचाने जाने वाले सूखाताल को निर्माण एजेंसी ने दो झीलों के रूप में तैयार किया है। इसमें से एक का फर्स कच्चा रखा जाएगा जिससे पानी रिसकर(परक्यूलेट)नैनीझील को मिलेगा। इसके अलावा दूसरी बड़ी झील का फर्स(सरफेस)कड़ा किया जाएगा जो पानी को रोक देगा। इससे इस वाटर बॉडी में बोटिंग व अन्य जल क्रियाएं होंगी। इस झील को जिंदा रखने के लिए एरिएशन लगाया जा रहा है।
आयुक्त दीपक रावत को के.एम.वी.एन.के एम.डी.विनीत तिवारी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण विजयनाथ शुक्ल और एस.डी.एम.प्रमोद कुमार के साथ सिंचाई, पेयजल, लोक निर्माण, वन, नगर पालिका आदि विभागों के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट की जानकारी दी। आयुक्त ने झील से लगी भूमि में पय्या ‘पदम’ का पेड़ लगाया। झीलों के चारों तरफ वॉकर्स पैरेडाइज के लिए 450 मीटर का पाथवे बनाया जा रहा है।
इन वाटर बॉडी के निर्माण के लिए पर्यटन विभाग ने धन आवंटित किया जबकि इसका निर्माण कुमाऊं मंडल विकास निगम(के.एम.वी.एन.)करा रहा है। इसमें दो झीलें बन रही हैं जिसमें एक छोटी वाटर बॉडी बनेगी जो नैचुरल रहेगी जबकि दूसरी झील को क्ले लाइनर से बनाया जाएगा और इसमें परमानेंट पानी रुकेगा। बड़ी और छोटी वॉटर बॉडी को जोड़ता एक वुडेन डेक बनेगा, इसके अलावा इसके सामने 9 दुकानें बनाई जाएंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए दस शौचालय भी बनाए जाएंगे। झील में नालों को भी चैनलाइज किया जाएगा और झील में आने वाले सीवेज को रोका जाएगा। झील के चारों तरफ कैबल और रामनगर स्टोन से फुटपाथ बनाया जाएगा। इसको बन्द गेट रखे जाएंगे और इसमें सिरिंज एरिया बनाया जाएगा। इसमें नैनीझील की तरह एरिएशन का काम किया जाएगा। पहले चरण में फिलहाल, पार्किंग के बगल की नई बिल्डिंग को पूरा किया जाएगा। कुल 25.51 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे सौन्दर्यकरण कार्यों में से 19 करोड़ रुपया इस्तेमाल किया जा चुका है। परमानेंट जल भराव वाली बड़ी झील को दो मीटर गहरा रखा गया है और इसमें 2 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा होगा।

बाईट :- दीपक रावत, आयुक्त।

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