वायरल वीडियो: नगर निगम के खिलाफ आरटीआई लगाना व्यापारी को पड़ा भारी, सफाई कर्मचारियों ने दुकान में घुसकर की मारपीट

रिपोर्ट- रजत प्रताप सिंह 

ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में आरटीआई लगाना एक दुकानदार को भारी पड़ गया। नगर निगम ऋषिकेश में आरटीआई लगाने पर निगम कर्मचारियों द्वारा व्यापारी की दुकान में घुसकर डराने- धमकाने का मामला सामने आया है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं दुकानदार ने इस संबंध में मुख्य नगर आयुक्त और कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

ऋषिकेश निवासी अमित कुमार जाटव ने आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति का एक सामाजिक कार्यकर्ता है, जो नगर निगम सहित अन्य विभागों से सूचना के अधिकार के माध्यम से भ्रष्टाचार के खुलासे कर चुका है। उसने नगर निगम के सफाई कर्मचारी नरेश खारवाल, महेंद्र कुमार, विनोद, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, कर अधीक्षक निशांत अंसारी व नगर निगम महापौर से संबंधित सूचनाएं मांगी थी। इससे बौखलाकर बीते 25 जून को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नगर निगम के कर्मचारी नरेश खैरवाल और राजेंद्र भंडारी उनकी दुकान पर आ धमके और उनके पिता से प्लास्टिक की केन के संबंध में पूछताछ करने लगे। जिस पर उसके पिता ने बताया कि वह प्लास्टिक की केन नहीं बेचते हैं। इतना सुनते ही नगर निगम कर्मचारी आग बबूला हो गए और जबरन दुकान के अंदर घुस गए। दुकान में मौजूद आरटीआई कार्यकर्ता अमित कुमार जाटव को देखते ही निगम सफाई कर्मचारी नरेश खैरवाल ने अभद्रता शुरु कर दी। इस दौरान राजेंद्र भंडारी नामक कर्मचारी भी कहीं बाहर से प्लास्टिक की केन लेकर दुकान में पहुंच गया। जब अमित कुमार जाटव ने राजेंद्र भंडारी से प्लास्टिक की केन दुकान के अंदर लेकर आने पर सवाल किया तो निगम सफाई कर्मचारी नरेश खैरवाल ने उनके पिता के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और लूटपाट करने लगे। जिस पर उसके पिता घबराकर चिल्लाए तो आसपास के दुकानदार भी इकट्ठा हो गए। अन्य दुकानदारों के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ शांत होने पर वह होटल पैराडाइज के बाहर कर अधीक्षक से बात कर रहा था। तभी दुकान की तरफ से शोरगुल होने पर वह दुकान की तरफ भागा तो देखा कि निगम का सफाई कर्मचारी नरेश खैरवाल व राजेंद्र भंडारी उसके पिता के साथ हाथापाई करने लगे।

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अमित कुमार जाटव ने लिखित तहरीर में आरोप लगाते हुए कहा कि केवल आरटीआई लगाने के कारण उनके साथ यह घटना घटित हुई है। क्योंकि व्यापारियों के साथ महापौर द्वारा की गई मीटिंग में 30 जुलाई तक पॉलीथिन व प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही गई थी, जो मीडिया में भी प्रकाशित की गई थी। आरोप लगाया कि 25 जून को की गई कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि निगम प्रशासन की ओर से उक्त कार्यवाही केवल उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई थी। पीड़ित अमित कुमार जाटव ने मुख्य नगर आयुक्त व कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में जनहित में किए गए कार्यों को देखते हुए उनको सुरक्षा प्रदान करने और उनकी दुकान में घुसकर की गई हाथापाई व गुंडागर्दी के संबंध में उक्त दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उचित कानूनी कार्यवाही की मांग की है। पीड़ित ने उक्त तहरीर की प्रतिलिपि उत्तराखंड पुलिस महानिरीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, राज्य सूचना आयुक्त, निदेशक सचिव शहरी विकास निदेशालय व शहरी विकास मंत्री को भी प्रेषित की है। वहीं त्रिवेणीघाट चौकी इंचार्ज जगत सिंह नेगी ने बताया कि व्यापारी अमित कुमार जाटव की निगम कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से भी व्यापारी के खिलाफ तहरीर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। उधर मामले की जानकारी के संबंध में पर्वतजन ने मुख्य नगर आयुक्त गिरीश चंद्र गुणवंत से फोन पर संपर्क किया। लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।

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