जवानों को दी जा रही वृद्धावस्था पेंशन, बूढ़े काट रहे चक्कर

अल्मोड़ा। जिले के स्याल्दे विकासखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि 26 अपात्र व्यक्तियों को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि जांच में मामला सही पाए जाने और रिकवरी के […]

अल्मोड़ा। जिले के स्याल्दे विकासखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि 26 अपात्र व्यक्तियों को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि जांच में मामला सही पाए जाने और रिकवरी के आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।

मामले की जांच तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि कई ऐसे लोगों को भी पेंशन दी जा रही थी जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने स्याल्दे विकासखंड के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए थे कि अपात्र लाभार्थियों से दी गई पेंशन की धनराशि की वसूली की जाए और संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

हालांकि आदेश जारी होने के वर्षों बाद भी न तो अपात्र व्यक्तियों से धनराशि की वसूली की गई और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की गई। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तथा राज्य आंदोलनकारी परमानंद बलोदी ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें भी पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2016-17 में पंचायत औखल्यों और ग्राम पंचायत चम्पाड़ी में अपात्र व्यक्तियों को पेंशन दिए जाने का मामला सामने आया था। विभागीय स्तर पर नोटिस जारी करने और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता साबित हो चुकी है तो जिम्मेदार अधिकारियों और लाभ लेने वाले अपात्र लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता तथा राज्य आंदोलनकारी परमानंद बलोदी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में पारदर्शिता और कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

Also Read This

बड़ी खबर: दिल्ली में आज भाजपा उत्तराखंड कोर ग्रुप की अहम बैठक।  हारी हुई सीटों पर फोकस

देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।इसी...

बड़ी खबर: जंतर-मंतर पर वर्दी पहनकर भाषण देना पड़ा भारी।  कॉन्स्टेबल शेर सिंह सेवा से बर्खास्त

देहरादून/पिथौरागढ़: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर मंच से भाषण देने वाले उत्तराखंड पुलिस के निलंबित कॉन्स्टेबल शेर...

Related Posts