एक्सक्लूसिव : संगीनों के साये मे जनसुनवाई

नीरज उत्तराखंडी

भारी विरोध के बीच संगीन के साये में जन सुनवाई सम्पन्न। जबरन जन सहमति बनाने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।प्रभावित ग्रामीणों व माटू संगठन ने घंटों सड़क पर धरना देकर किया विरोध प्रदर्शन। बंद कमरे में जन सुनवाई करने का लगाया आरोप 

 पुरोला। विकास खण्ड मोरी में  रूपीन नदी  पर प्रस्तावित 44 मेगावाट की जखोल-सांकरी परियोजना की जन सुनवाई भारी विरोध के बीच संगीन के साये में सम्पन्न हुई।

जनसुनवाई में जखोल के ग्रामीणों को शामिल न करने  के विरोध में माटू संस्था के कार्यकर्ताओं तथा जखोल के सैकडों ग्रामीणों ने पांच घंटें तक मोरी नैटवाड़ मोटर मार्ग पर जाम लगाया।

जन सुनवाई पूरी होने के बाद जिलाधिकारी के लोनिवि निरीक्षण भवन आने पर माटू संगठन व जखोल के ग्रामीणों ने  मोरी बाजार में जुलूस निकाला तथा मोरी पुरोला मोटर  मार्ग पर सड़क पर दो घंटे धरना दिया।

जिलाधिकारी के सामाजिक समाघात रिपोर्ट प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया।

शुक्रवार को भारी पुलिस  व्यवस्था के बीच जन सुनवाई पूरी हुई,जन सुनवाई में विद्युत परियोजना से प्रभावित होने वाले जखोल , पांव तला, पांवमला, धारा  के ग्रामीणों ने परियोजना से आम लोगों को होने वाले लाभ, नुकसान  तथा पर्यावरण की सुरक्षा को उठाये जाने वाले कदम की जानकारी मांगी।

सुनवाई का जबाव देते हुए सांकरी जखोल-विद्युत परियोजना के अपर महा प्रबंधक जेके महाजन ने बताया की विद्युत परियोजना मुख्य रूप से सुंनकुंडी,पांवमला, पांवतला जखोल समेत 5 गांव के 216 परिवार प्रभावित हो रहें हैं । जिनमें धारा 93, सुनकुंडी 35,पांवमला 17,पांवतला 71  परिवार शामिल  है।उन्होंने कहा कि   ग्रामीणों को मुआवजे के साथ हर प्रकार सुविधा व पर्यावरण सुरक्षा को लेकर विशेष योजना तैयार की जायेगी ताकि विद्युत परियोजना से किसी प्रकार  का पर्यावरण नुकसान न हो ।

वही  प्रभावित ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार परिवारों को उचित  मुआवजा, परिवार में एक व्यक्ति को योग्यता अनुसार रोजगार,मुफ्त बिजली,छात्रों के लिए स्वास्थ्य  व शिक्षा   की बेहतर व्यवस्था करने के साथ ही सड़क, गांव-गांव तक बिजली  व पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र को पेयजल,यातायात व्यवस्था करने की मांग रखी। साथ ही क्षेत्र के  मुख्य व्यवसाय भेड बकरी पालन पर पड़ने वाले प्रभाव की भरपाई करने की भी मांग की।

प्रभावित ग्रामीणों ने सतलुज परियोजना समेत स्थानीय प्रशासन पर भारी पुलिस दबाव में जन सुनवाई करने का आरोप लगाया। धारा गांव के केदार सिंह,प्रहलाद सिंह,दुर्गश लाल ने प्रशासन पर ग्रामीणों के साथ धोखा कर विद्युत  परियोजना निर्माण के लिए जबरन जन सहमति करने का आरोप लगाया।

जन सुनवाई में एडीएम,एसडीएम बडकोट, पुरोला समेत कई अधिकारी व भारी पुलिस बल मौजूद था।

प्रभावित गांवों के सैकड़ों लोगों ने सांकरी मोरी रोड व मुख्य बाजार में धरना प्रदर्शन,नारेबाजी कर जन सुनवाई को बंद कमरे में करने का विरोध किया वहीं माटू संस्था के विमल भाई व सुनकुंडी के जयवीर सिंह ने क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों के साथ परियोजना निर्माण का विरोध व सुनवाई बंद कमरें में करनें.सुनवाई स्थल पर बैरिकेडिंग करने का विरोध किया।

जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने बताया कि उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सांकरी-जखोल विद्युत परियोजना पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इसकी रिपोर्ट वीडियोग्राफी सहित भारत सरकार को भेजी जाएगी।

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