कार्बेट रिजोर्ट में कब्जों की जांच के लिए पहुंची टीम

मयंक मैनाली, रामनगर 

कार्बेट के किस होटल और रिजोर्ट ने कहां किया कब्जा, 18 जून को हाईकोर्ट को टीम सौंपेगी रिपोर्ट।

कार्बेट नेशनल पार्क के आसपास किस रिजोर्ट और होटल ने कितना कब्जा किया है, इसका पता अब हाईकोर्ट द्वारा गठित टीम लगाएगी। इस टीम ने आज से क्षेत्र का भ्रमण तथा निरीक्षण शुरू कर दिया है। कार्बेट नेशनल पार्क के नजदीक कई रिजोर्ट और होटल कारोबारियों द्वारा सरकारी भूमि पर किए कब्जों पर हाईकोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार कर लिया है। गौरतलब है कि रामनगर निवासी पत्रकार और हिमालयन युवा ग्रामीण विकास संस्था के अध्यक्ष इस संवाददाता ( मयंक मैनाली) ने वर्ष 2012 में एक जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि रामनगर क्षेत्र में रिजोर्ट कारोबारियों ने नियमों को ताक में रखकर कोसी नदी में अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया है। और अवैध अतिक्रमण लगातार जारी है। उनके द्वारा वन्यजीवों को हानि भी पहुंचाई जा रही है। रिजार्ट से निकलने वाले सीवर आदि गंदगी को बिना किसी ट्रीटमैंट के सीधे कोसी नदी में बहाया जा रहा है, इससे कोसी दूषित होती जा रही है। याचिकाकर्ता ने माननीय उच्च न्यायालय से ऐसे रिजार्ट कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कोर्ट को शपथपत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें उन्होंने कार्बेट पार्क के नजदीक 44 रिजोर्ट और होटलों के द्वारा कोसी नदी क्षेत्र और वन भूमि, सरकारी भूमि पर जमकर अतिक्रमण की बात स्वीकारी थी। उन्होंने न्यायालय से कहा था कि
कोर्ट के आदेश पर बीते 07 अप्रैल को डीएम, नैनीताल ने रामनगर और उसके आसपास बने होटल और रिजॉर्ट का निरीक्षण किया था। जिसमें पता चला कि 44 होटल और रिजॉर्ट ने सरकारी और वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया है। वहीं गौरतलब है कि इन रिजॉर्ट और होटल मालिकों पर 2010 से डीएफओ कार्यालय में वन अपराध का मामला दर्ज है। लेकिन, सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए इन होटल-रिजॉर्ट पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जो प्रशासनिक कार्यशैली पर बडा सवाल खडा करता है। अब माननीय उच्च न्यायालय ने टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। हाईकोर्ट द्वारा गठित इस कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता बीसी पांडेय हैं। जबकि टीम के अन्य सदस्यों में एमएस त्यागी, शोभित सहारीया और वंदना मेहरा को शामिल किया गया है। वहीं माननीय उच्च न्यायालय ने डीएम नैनीताल, एसडीएम रामनगर, सहित वन विभाग के डीएफओ समेत अन्य संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को जांच टीम का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। अब यह टीम 18 जून को हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। माननीय उच्च न्यायालय के हालिया आदेश से अतिक्रमणकारी रिजोर्ट कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

इन होटल-रिजॉर्ट का है, कब्जा-

रेंजेज व्यू बोहराकोट, माइरिका आनंद वन ढिकुली, क्यारी इन, तरंगी रिजॉर्ट, इनफिनिटी रिजॉर्ट, कार्बेट रिवर साइड, वाइल्ड क्रस्ट, कार्बेट वाइल्ड रीवर वन्यां, टाइगर ट्रैक रिजॉर्ट ढिकुली, कार्बेट गेटवे आमोद, कृष्णा रिट्रीट रिजॉर्ट, टाइगर कैंप, कार्बेट रामगंगा रिजॉर्ट मरचूला, होटल सोल्लुना मरचूला, होटल रीवर व्यू रिट्रीट, कार्बेट हाइडवे, कार्बेट रिवर, स्केप कार्बेट आदि ने कब्जा किया है। इसके अलावा अन्य होटल रिजॉर्ट का एसडीएम कोर्ट में वाद लंबित है।

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