गौछ के शिकारी जाएंगे जेल!

रविवार 24 जुलाई की शाम अल्मोड़ा के मनीला के इनौलू गांव के ग्रामीणों द्वारा गौछ मछली के शिकार करने का मामला तूल पकड़ गया है।  इस घटना के बाद वन विभाग तथा प्रशासन हरकत में आ गया है। वन विभाग के प्रभागीय  वनाधिकारी एस प्रजापति ने  उप प्रभागीय वनाधिकारी चंदन गिरी गोस्वामी तथा  जौरासी रेंज […]

रविवार 24 जुलाई की शाम अल्मोड़ा के मनीला के इनौलू गांव के ग्रामीणों द्वारा गौछ मछली के शिकार करने का मामला तूल पकड़ गया है।
 इस घटना के बाद वन विभाग तथा प्रशासन हरकत में आ गया है। वन विभाग के प्रभागीय  वनाधिकारी एस प्रजापति ने  उप प्रभागीय वनाधिकारी चंदन गिरी गोस्वामी तथा  जौरासी रेंज की रेंजर संचिता वर्मा के नेतृत्व में वन कर्मियों का एक दल गांव में भेजा है। उनके साथ ही SDM गौरव चावला ने कानूनगो और पटवारी की टीम को वनाधिकारियों के साथ गांव में भेज दिया है।
 प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा प्रजापति का कहना है कि ग्रामीणों के खिलाफ गौछ मछली पकड़ने के कारण कार्यवाही की जाएगी। प्रजापति के अनुसार ग्रामीणों के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के सेक्शन 9( 39)/51 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी इसके अनुसार ग्रामीणों से मछली के शिकार की एवं शिकार में बरामद हथियारों के आधार पर उन्हें 5 से 7 साल की सजा तथा पैनल्टी हो सकती है। पाठकों को मालूम ही होगा की गौरी मछली जॉइंट ग्रुप पर प्रजाति की डेविल कैटफिश की श्रेणी में आती है वन विभाग के कानून के अंतर्गत यह शेड्यूल वन की प्राणी है तथा इसका शिकार वर्जित है।

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