प्रधान ने भ्रष्टाचार से तंग आकर दिया इस्तीफा

ग्राम पंचायत निवाड़ी धार के ग्राम प्रधान श्री जगत सिंह पंवार ने अपनी स्वेच्छा से प्रधान पद से त्यागपत्र दे दिया है। जिसका मुख्य कारण था भ्रष्टाचार। मनरेगा में कई महीनों से ग्रामीणों के खाते में भुगतान होना है। ग्राम प्रधान को दिए गए अधिकारों का हनन, ग्रामीण स्तर पर अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप, बीडीसी सदन में उठाए गए समस्याओं का निराकरण न होना। जब प्रधान से बात हुई तो उनका कहना है कि प्रधान बनने पर मेरी प्राथमिकता थी कि एक बहुत सुंदर सरकारी विद्यालय की स्थापना हो। गांव में शिक्षा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान हो, हर व्यक्ति को रोजगार मिले, कृषि के क्षेत्र में गांव की किसान की उपज बढ़े, घर घर में शौचालय हो हर व्यक्ति को रोजगार मिले, परंतु बड़ा दुख हुआ जब मॉडल गांव का प्रस्ताव मेरे द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तक भिजवाया गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

बिना लेन देन की कोई काम संभव नहीं दिखा जिससे प्रगति से ग्राम पंचायत में काम होना चाहिए उससे दुखी होकर मुझे इस पद से त्यागपत्र देने के लिए बाध्य होना पड़ा। ग्रामीण स्तर पर मेरी प्राथमिकता थी कि मेरी ग्राम पंचायत का राजकीय प्राथमिक विद्यालय बहुत बेहतर हो जिस की हालत बहुत जर्जर है सचिव शिक्षा डायरेक्टर संबंधित मंत्री तक पत्र लिखा परंतु कोई समाधान नहीं हो पाया। इसलिए मुझे लगता है कि मैं तो प्रधान इसलिए बनना चाहता था कि गांव का विकास हो एक बहुत आदर्श ग्राम पंचायत बने केवल नाम मात्र के लिए पद प्रधान बना रहना मेरी प्राथमिकता नहीं थी। सरकार के सिस्टम को देख कर लगता है कि गांव के विकास हमारी सरकारों की प्राथमिकता नहीं है अगर मैं अपने पद के अनुरूप काम नहीं कर पा रहा हूं तो मुझे उस पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।

अन्य ग्राम सभाओं की अपेक्षा ऐसा नहीं है कि मैंने काम नहीं करवाए हैं परंतु भारत के गांव का विकास जिस तरह से होना चाहिए उस विकास की हम कहीं अभी तक नजदीक नहीं हैं। इसलिए मैंने इस पद से अपनी स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया है मेरे ऊपर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं था और ना ही किसी का दबाव। मैं इस पद से अपनी स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रहा हूं।

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