बर्फ की चादर ओढ़ बुलाने लगी “औली”

 क्रान्ति भट्ट/गोपेश्वर

बदरीनाथ से लेकर गोरसों, औली, पनार, रुद्रनाथ, बर्फ का संमदर, शीला समुद्र सब बर्फ से ढक गया है। यहां पहाड़ की डांडी कांडी सब हिवाली हो गयी है। बर्फ से ढक गयीं है।
फूलों की घाटी और हेमकुंड मे भी दिसंबर के पहले पखवाड़े मे जम कर बर्फ गिरी है। सोमवार की रात्रि से ही नदी घाटी में वारिस हुयी और ऊंचे पहाडों पर बर्फ जारी रही। बदरीनाथ में कहीं पर डेढ फिट तो कहीं पर एक बर्फ गिरी है। यहाँ कपाट बंद होने के बाद सुरक्षा कर्मी, साधु संत व बीकेटीसी के कुछ कर्मियों के अलावा पुलिस कर्मी भी है। बीएसएन के एक कर्मी सोहन ने बार बार टूटते मिलते नेट वर्क के बीच फोन से बताया कि बदरीनाथ में बर्फ पड़ने से तापमान में भारी गिरावट आ गयी है। कहीं पर एक तो कहीं पर डेढ फिट बर्फ गिरी है।
विश्व प्रसिद्ध स्कीईंग रिजार्ट में भी खूब बर्फ गिरी है। यहाँ पर होने वाले इंटरनेशनल स्कीइंग के लिए यह बर्फवारी बहुत सकारात्मक और शुभ मानी जा रही है। नागेन्द्र सकलानी बताते हैं कि गोरसों से लेकर औली में गिरी बर्फ काफी अच्छी मात्रा में गिरी है। आयोजकों और स्थानीय लोंगो के चेहरे खिले हैं।
इधर पनार के बुग्याल में खूब हिमपात हुआ है। रूद्रनाथ में भी एक फिट बर्फ गिरी है। रुपकुंड, वेदनी बुग्याल व शीला समुद्र में काफी मात्रा में बर्फ गिरी है।
काश्तकार व उद्यानपति हिमपात और वर्षा को रवि तथा सेब नाशपाती के लिए अच्छा बता रहे हैं।

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