बेघर माँ को घर की उम्मीद

तेखला बाय पास के पास पड़ी है घायल गौ माता।
गिरीश गैरोला
उत्तरकाशी-गंगोत्री सड़क मार्ग पर तेखला बाय पास के पास सड़क के किनारे एक गाय विगत चार दिनों से पड़ी है। आसपास के लोग भले ही उसके चारे पानी की व्यवस्था कर रहे हों, किन्तु निराश्रित गायों को गौशाला में ले जाने का पालिका उत्तरकाशी का अभियान ठंडा पड़ हुआ है।
शिव नगरी में निराश्रित गायों के लिए कांजी हाउस  निर्माण विवादों में आने के बाद गोफ़ियारा में पालिका द्वारा जिस स्थान पर गौशाला बनाई गई है, वहाँ तक भी निराश्रित और घायल बीमार गायों को पहुंचना टेढ़ी खीर है। इस स्थान पर सड़क मार्ग को लेकर दिक्कत है।
उत्तरकाशी गंगोत्री राजमार्ग पर तेखला बाय पास के पास एक गाय का बछड़ा विगत चार दिनों से सड़क के पास घायल पड़ा हुआ है। पशु पालन विभाग के उत्तम महर ने इसके अगले पैर की टूटी  हुई हड्डी पर प्लास्टर कर दिया है। पूर्व पालिका पार्षद हरीश डंगवाल ने बताया कि गंगोरी पशु अस्पताल से भरत सिंह चौहान और सुभाष रावत प्रतिदिन आकर गाय को दवा आदि दे रहे हैं। आने जाने वाले लोग भी कुछ देर रुक कर गाय के लिए गौ ग्रास और हरी घास लेकर पहुँच रहे हैं। पास में ही पानी का बर्तन भी रखा गया है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि पालिका द्वारा निराश्रित अथवा घर मे पाली जाने वाली  गौ की जियो टैगिंग की जा रही थी, ताकि सड़कों पर गाय को छोड़ देने वालों की  पहचान हो सके और उन्हें दंडित किया जा सके। इस बीच ऐसी गायों को गौशाला में रखने की जिम्मेदारी पालिका ने ली थी , पर बिना दबाव बनाए पालिका अपनी  जिम्मेदारी नही निभा रही है। अब तक  कितने गायों की जियो टैगिंग की जा चुकी है और इसका  कितना असर  हुआ है, इसका  पालिका के पास कोई ठोस जबाब नही है।
इधर सूचना मिलने पर जल विधुत निगम के सहायक अभियंता अनंत गैरोला ने भी अपने  स्तर से गौ सेवा में हाथ बंटाने का भरोसा दिलाया है।उक्त घटना की जानकारी और फ़ोटो मुझे अनंत ने ही उपलब्ध कराए है।

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