भद्दा मजाक: होती रही पेयजल की बर्बादी, बजते रहे जल संचय के गीत

गिरीश गैरोला उत्तरकाशी मुख्यालय से लगे जल विधुत निगम की पेयजल लाइन के लीकेज से बर्बाद हो रहे पानी की रोकथाम करने की बजाय विधायक, डीएम और जिले के आला अधिकारी जल संचय औए जल संरक्षण की कसमें खाकर जल संचस्य दिवस मनाने की खानापूर्ती करते रहे। इस बीच किसी अनजान व्यक्ति ने लीकेज को […]

गिरीश गैरोला

उत्तरकाशी मुख्यालय से लगे जल विधुत निगम की पेयजल लाइन के लीकेज से बर्बाद हो रहे पानी की रोकथाम करने की बजाय विधायक, डीएम और जिले के आला अधिकारी जल संचय औए जल संरक्षण की कसमें खाकर जल संचस्य दिवस मनाने की खानापूर्ती करते रहे। इस बीच किसी अनजान व्यक्ति ने लीकेज को बोरे से बांध कर बर्बादी रोकने की कोशिस की, किन्तु विभाग ने फिर भी  इसकी सुध तके लेने की जरूरत नहीं समझी।

एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री जल संचय और जल संरक्षण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करते हैं। जिसके तहत गंगोत्री से  बीजेपी विधायक गोपाल सिंह रावत जल संचय दिवस पर गंगोत्री राजमार्ग से लगे  हीना के पास 1.50 लाख लीटर क्षमता वाले पानी के टैंक निर्माण के लिए डीएम एसपी समेत जिले के आलाधिकारियों के साथ भूमि पूजन करते हैं और भूमिगत हो चुके जल श्रोतों को फिर से रिचार्ज करने के लिए चाल खाल निर्माण को बढ़ावा देने की बड़ी बडी लफ्फाजी करते है। वहीं उत्तरकाशी -केदारनाथ मार्ग पर मुख्यालय से लगे मुख्य सड़क पर पेयजल लाइन विगत एक महीने से लीकेज हो रही है। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते जल संस्थान से इसकी शिकायत की गई तो विभाग के अधिशासी अभियंता बलदेव डोगरा ने उन्होंने इसे अपने विभाग से संबंधित होने से इनकार कर दिया। इसके बाद जल विधुत निगम के अधिशासी अभियंता अम्बरीष कुमार से शिकायत कर जल संचय दिवस से पूर्व इस लेर्केज  से  हो रही जल बर्बादी को रोकने की गुहार लगाई गई, किन्तु उन्होंने भी इसे अपने विभाग से संबंधित होने से इनकार कर दिया।

इस बीच किसी अनजान व्यक्ति ने इस लीकेज को बोरी  बांधकर तार से बन्द कर बर्बादी कम करने की कोशिश की, किन्तु पेयजल लाइन के जिम्मेदार विभाग ने इस  इसे रिपेयर कर बर्बादी को रोकना उचित  नहीं समझा। इस बीच जल संचय दिवस भी 25 मई को आ ही गया। साफ सुथरी कमीज पहनकर नेता और अधिकारी बड़े लाव लश्कर के साथ मुख्यालय से 15 किमी दूर हीना में भूमि पूजन कर आये।

इस दौरान सरकारी वाहनों  में जल संचय और जल के महत्व को लेकर खूब गीत और भाषण बजते  रहे,  ठीक उसी तर्ज पर जैसे 15 अगस्त और 26 जनवरी को देशभक्ति के गीत चौराहों पर माइक से बजाकर हम खुद को एक दिन देशभक्त होने का सबूत  देने की कोशिश करते हैं। इस समारोह में बज रही जल संचय के महत्व और उपाय  के बीच पेयजल लाइन से लीक हो रहे इस लीकेज  की आवाज कहीं दबकर सी रह गयी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पानी का लीकेज कब तक बंद हो पाता है।

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